मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के ग्राम खोखरा निवासी संदीप पाटीदार की मौत के करीब पांच महीने बाद पुलिस ने आर्थिक लेन-देन से जुड़े मामले में डॉ. प्रदीप पाटीदार के खिलाफ FIR दर्ज की है। संदीप 24 मई 2026 को अपने खेत-कुएं पर बने टीनशेड में फांसी के फंदे पर मृत मिले थे। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी।
मर्ग जांच के दौरान पुलिस के सामने संदीप और डॉ. प्रदीप के बीच 28 लाख रुपए के लेन-देन की बात सामने आई। FIR में दर्ज पुलिस जांच के अनुसार, डॉ. प्रदीप द्वारा संदीप को 28 लाख रुपए दिए जाने और इसके बदले ब्लैंक चेक लिए जाने का उल्लेख है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि रकम चुकाने के बाद भी अतिरिक्त रकम और ब्याज की मांग की जा रही थी तथा ब्लैंक चेक के इस्तेमाल और जेल भिजवाने की धमकी दी गई थी। हालांकि, आरोपी पक्ष की ओर से इन आरोपों पर अलग पक्ष रखा गया है।
पुलिस ने मर्ग जांच के दौरान मृतक के परिजनों, रिश्तेदारों और अन्य साक्षियों के बयान दर्ज किए। जांच में खेत पर लगे CCTV फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल को भी शामिल किया गया। FIR के मुताबिक, 20 मई 2026 को शाम 5 बजकर 05 मिनट 44 सेकंड पर संदीप और डॉ. प्रदीप के बीच करीब 717 सेकंड यानी 11 मिनट 57 सेकंड तक मोबाइल पर बातचीत हुई थी। दोनों के बीच अलग-अलग समय पर हुई बातचीत और 20 मई की CCTV रिकॉर्डिंग का भी जांच में उल्लेख किया गया है।
मामले में आरोपी पक्ष की ओर से डॉ. प्रदीप के पिता हरिशंकर पाटीदार और छोटे भाई मनुदेव पाटीदार ने भी आरोपों और घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा है। पुलिस के सामने अब मृतक पक्ष के बयान, आरोपी पक्ष का जवाब और इलेक्ट्रॉनिक व अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण हैं।
करीब पांच महीने चली मर्ग जांच के बाद पिपलियामंडी पुलिस ने 15 सितंबर 2026 को FIR क्रमांक 0277/2026 दर्ज की। पुलिस के अनुसार डॉ. प्रदीप पाटीदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 108 तथा मध्यप्रदेश ऋणियों का संरक्षण अधिनियम, 1937 की धारा 3 और 4 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। SDOP मल्हारगढ़ पिंटू सिंह बघेल के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है।
अब पुलिस जांच में दस्तावेज, CCTV फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। FIR दर्ज होने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ 28 लाख रुपए के लेन-देन और संदीप की मौत के बीच बताए जा रहे संबंधों को लेकर सामने आने वाले साक्ष्य अहम होंगे।




