छतरपुर, संजय अवस्थी। राजनगर तहसील के ग्राम राजगढ़ के निवासियों ने स्वामित्व योजना के तहत मकानों का पट्टा दिलाए जाने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से आबादी भूमि पर निवास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनके मोहल्लों में ड्रोन सर्वे या भौतिक सत्यापन का कार्य नहीं कराया गया है।
विभिन्न मोहल्लों में ड्रोन सर्वे की मांग
कलेक्टर को दिए आवेदन में वार्ड नंबर 01 महल रोड, कछयाना मोहल्ला, सोसाइटी थाना मोहल्ला, सर्वेश्वर खालेपुरवा मोहल्ला, अहिरवार यादव मोहल्ला, आदिवासी मोहल्ला और नहर के पास हनुमान जी की कुटी के पास रहने वाले निवासियों ने बताया कि उनका गांव जब से बसा है, तब से आबादी घोषित है और आबादी सर्वे नंबर भी दर्ज है। इसके बावजूद उन्हें अब तक वैधानिक आवास अधिकार पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
निजी कंपनियों के अधिग्रहण का डर
ग्रामीणों ने आवेदन में चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि उनके इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान भी बने हुए हैं। हालांकि, पट्टा न होने के कारण वर्तमान में निजी कंपनियों द्वारा जमीन अधिग्रहण और खरीद के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे गरीब व आदिवासी ग्रामीण अपने ही घरों और जमीनों को लेकर भयभीत हैं।
विस्थापन से सुरक्षा और वैधानिक अधिकार की अपील
समस्त पीडि़त ग्रामवासियों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि छूटे हुए सभी मोहल्लों में जल्द से जल्द स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन सर्वे कराया जाए और वैध कब्जेदार निवासियों को भूमि व मकान का पट्टा प्रदान किया जाए, ताकि वे भविष्य में विस्थापन और अनिश्चितता से सुरक्षित रह सकें। ज्ञापन सौंपने के दौरान विनोद अहिरवार, दिनेश, बाबूलाल, राकेश, रामस्वरूप यादव, रजोली, महादेव, मईयादीन, प्रीतम सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।




