भोपाल, जीतेन्द्र यादव। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को निराधार और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी लगातार दिल्ली और भोपाल में अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। कश्यप ने स्पष्ट किया कि जिस भूमि को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह वीरभूम ट्रस्ट को दी गई है, जो संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित है और शासन की भूमि को शासन के ही एक संस्थान को हस्तांतरित किया गया है।


कश्यप ने कहा कि उज्जैन का मास्टर प्लान डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने से कई माह पहले ही लागू हो चुका था और वर्तमान में सभी विकास कार्य उसी मास्टर प्लान के अनुरूप किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के परिवार को लेकर लगाए जा रहे आरोप भी तथ्यहीन हैं। ग्राम गांगेड़ी में मुख्यमंत्री की पुत्रवधु द्वारा खरीदी गई भूमि मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर है और उसका मुख्यमंत्री पद से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का परिवार स्वतंत्र रूप से कार्य करता है और कांग्रेस बिना तथ्यों के आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।


कैबिनेट मंत्री ने सिद्धिविनायक बिल्डकॉन कंपनी को लेकर उठाए गए सवालों पर भी जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कंपनी से अपना शेयर पहले ही निकाल चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जीतू पटवारी बिना तथ्यों के बयानबाजी कर रहे हैं और यह कांग्रेस की ओछी मानसिकता को दर्शाता है। कश्यप ने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो मुख्यमंत्री और सरकार के खिलाफ लगाए जा रहे झूठे आरोपों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही उन्होंने कर्नाटक में मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े निजी ट्रस्टों को दी गई जमीनों की भी जांच कराने की मांग उठाई।