भोपाल। मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के ठीक बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (AICC) ने पार्टी के भीतर बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में दतिया से पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह सख्त आदेश अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी द्वारा जारी किया गया है।


आदेश के प्रमुख बिंदु और शीर्ष नेतृत्व को प्रतिलिपि

  • तत्काल प्रभाव से निलंबन: पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर अनुशासनहीनता की यह दंडात्मक कार्रवाई तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है।
  • हाईकमान को प्रेषित पत्र: आदेश जारी होने के साथ ही इसकी प्रतिलिपि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और राज्य विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को भेज दी गई है।

क्यों हुई कार्रवाई? (पृष्ठभूमि)

गौरतलब है कि दतिया सीट पर मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर संगीन आरोप लगाकर सनसनी मचा दी थी। घनश्याम सिंह ने खुले तौर पर आरोप लगाया था कि राजेंद्र भारती ने चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के साथ मिलकर पार्टी के खिलाफ भितरघात किया, भाजपा से फंडिंग ली और अपने समर्थकों के जरिए पैसे बंटवाकर कांग्रेस प्रत्याशी को हराने की साजिश रची।

प्रत्याशी द्वारा सार्वजनिक रूप से आलाकमान से निष्कासन की मांग करने और पार्टी के भीतर मचे भारी घमासान के बाद हाईकमान ने इस पर त्वरित एक्शन लेते हुए राजेंद्र भारती को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को पार्टी में अनुशासन कायम करने और भितरघातियों के खिलाफ कांग्रेस आलाकमान के बेहद कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।