छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित प्रसिद्ध बागेश्वर धाम इन दिनों श्रद्धालुओं के साथ-साथ फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में नीम करौली बाबा पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर बागेश्वर धाम पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने धाम में चल रही विभिन्न सेवाओं और व्यवस्थाओं को देखा और आईएएनएस से बातचीत में अपनी फिल्म, गुरुजी से मिले मार्गदर्शन और भविष्य की योजनाओं के बारे में खुलकर बात की।अनुप्रिया नागर ने सबसे पहले उस चर्चा पर सफाई दी, जिसमें यह कहा जा रहा था कि वह बागेश्वर धाम या बागेश्वर महाराज पर फिल्म बनाने जा रही हैं। उन्होंने इसे गलतफहमी बताते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा है। उनका कहना है कि उनकी बागेश्वर धाम और गुरुजी के प्रति गहरी आस्था है और यहां आने पर उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे वह अपने ही परिवार के बीच आई हों। हालांकि, फिल्म बनाने को लेकर अभी कोई निश्चित घोषणा उन्होंने नहीं की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में जो भी काम होगा, उसमें गुरुजी के मार्गदर्शन और आशीर्वाद की उनकी इच्छा जरूर रहेगी।
अपनी बागेश्वर धाम यात्रा के अनुभव को साझा करते हुए अनुप्रिया ने कहा, "मैं दूसरी बार बागेश्वर धाम आई हूं और भिवंडी मठ भी एक बार गई थी। यहां की ऊर्जा और आस्था बहुत मजबूत है। मैं कुछ समय से यहां हूं और मैंने यहां की सभी व्यवस्थाएं भी देखी हैं। मुझे पता है कि यहां की ऊर्जा बहुत खास है और मैंने व्यक्तिगत रूप से इसे महसूस किया है।"
अपनी फिल्म 'हनुमान अंश' के सफर को याद करते हुए अनुप्रिया ने बताया कि फिल्म को शुरुआती दौर में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पहले सप्ताह के बाद फिल्म को लेकर इंडस्ट्री में तरह-तरह की बातें होने लगी थीं और उन्हें भी चिंता हुई थी। इसके बावजूद उन्होंने और उनकी पूरी टीम ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्हें हमेशा विश्वास रहा कि नीम करौली बाबा की कृपा और आशीर्वाद उनके साथ है और फिल्म आगे जरूर जाएगी।
अनुप्रिया ने यह भी बताया कि बागेश्वर धाम के गुरुजी से उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में आगे के काम को लेकर मार्गदर्शन मिला है। उनके मुताबिक, वह खुद को इंडस्ट्री में अभी भी सीखने की स्थिति में मानती हैं। ऐसे में गुरुजी से मिलने वाला हौसला उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। वह चाहती हैं कि इसी विश्वास और सकारात्मक सोच के साथ वह फिल्म इंडस्ट्री में अपना काम जारी रखें।
भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए अनुप्रिया नागर ने कहा कि उनका फोकस सिर्फ फिल्में बनाने तक सीमित नहीं है। वह भारतीय संस्कृति और भारतीय मूल्यों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहती हैं।
इस दौरान उन्होंने धाम में चल रही अन्नपूर्णा रसोई और भंडारे की व्यवस्था की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है, जो उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। इसके अलावा अनुप्रिया नागर ने बागेश्वर धाम के गुरुकुल का भी दौरा किया। उन्होंने बताया कि यहां बच्चों को सिर्फ पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें संस्कृत और अंग्रेजी के साथ-साथ घुड़सवारी और अन्य गतिविधियां भी सिखाई जा रही हैं। उन्होंने गौशाला की व्यवस्थाएं भी देखीं और धाम में बन रहे कैंसर अस्पताल के बारे में भी जानकारी ली।
कैंसर अस्पताल को लेकर अनुप्रिया ने बताया कि निर्माण कार्य अभी जारी है, लेकिन वहां मौजूद लोगों से उन्हें अस्पताल की योजना और भविष्य के विजन के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए इस तरह की पहल महत्वपूर्ण है। अभी गुरुजी अपने स्तर पर लोगों की मदद करते हैं, लेकिन भविष्य में कैंसर अस्पताल के जरिए जरूरतमंद मरीजों को इलाज की सुविधा मिल सकेगी।




