टैंकर ने बाइक सवार को रौंदा 40 मिनट तक नहीं मिली सरकारी मदद

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छतरपुर,विनोद मिश्रा । जिला मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित महोबा रोड पर आज एक दर्दनाक सड़क हादसे ने आपातकालीन सेवाओं की पोल खोलकर रख दी। काली देवी तिगड्डा के पास एक तेज रफ्तार टैंकर ने बाइक सवार युवक को बेरहमी से रौंद दिया। विडंबना देखिए कि घायल युवक करीब 40 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन बार-बार कॉल करने के बावजूद न तो एम्बुलेंस पहुंची और न ही डायल-112 की गाड़ी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक सागर-कानपुर फोरलेन निर्माण कार्य में लगे टैंकर जीजे 02 जेड 6409 ने गढ़ीमलहरा की ओर से आ रहे पल्सर सवार अनिल अहिरवार निवासी ग्राम बर्रोई-सेंवड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टैंकर युवक को रौंदते हुए निकल गया। हादसे के तुरंत बाद टैंकर चालक और स्टाफ वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। हादसे के बाद सड़क पर जमा भीड़ लगातार सरकारी मदद के लिए फोन करती रही, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी कोई सहायता नहीं पहुंची। ऐसे में मानवता का परिचय देते हुए लुधियाना की ओर से आ रहे बोलेरो चालक देवकी तिवारी ने अपनी गाड़ी रोकी। उन्होंने घायल की चलती सांसें देख उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया। इस नेक कार्य में गढ़ीमलहरा थाने के मुंशी ओमप्रकाश रैकवार, एडवोकेट प्रमोद तिवारी, पप्पू रैकवार और साहब सिंह बुंदेला ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए घायल को रेस्क्यू कर अस्पताल भिजवाया।
आपातकालीन सेवाओं पर खड़े हुए बड़े सवाल प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जिला मुख्यालय के इतने करीब होने के बावजूद 40 मिनट तक सरकारी मदद क्यों नहीं पहुंची? यदि राहगीर तत्परता न दिखाते, तो युवक की जान जा सकती थी। फिलहाल अनिल अहिरवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


