MP में 'आदिवासी' पहचान पर छिड़ा सियासी संग्राम: मंत्री सारंग ने सिंघार के बयान को बताया 'गैरकानूनी'

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भोपाल, जितेंद्र यादव। मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आदिवासियों को लेकर दिए गए एक बयान पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने सिंघार के बयान को न केवल आपत्तिजनक बताया, बल्कि इसे संवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ एक गंभीर अपराध करार दिया है।
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति हमेशा से 'फूट डालो और राज करो' की नीति पर आधारित रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उमंग सिंघार जनगणना जैसे महत्वपूर्ण और संवैधानिक कार्य में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। सारंग के मुताबिक, कांग्रेस नेता आदिवासियों को गुमराह कर रहे हैं और उनके मन में भ्रम पैदा कर रहे हैं, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।
सारंग ने इस मामले में सीधे राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी हर जगह संविधान की प्रति हाथ में लेकर संविधान बचाने की बात करते हैं, तो क्या अब वे अपने नेता प्रतिपक्ष के इस असंवैधानिक बयान पर कोई कार्रवाई करेंगे?" सारंग ने मांग की है कि इस तरह के भड़काऊ और जनगणना की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले बयानों के लिए उमंग सिंघार के खिलाफ क्रिमिनल केस (आपराधिक मामला) दर्ज होना चाहिए।
विवाद की जड़ में जनगणना के दौरान आदिवासियों के लिए अलग 'धर्म कोड' या पहचान की मांग से जुड़े बयान बताए जा रहे हैं। भाजपा का मानना है कि आदिवासियों को मुख्यधारा से अलग दिखाने की कोशिश कांग्रेस का एक बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र है। सारंग ने स्पष्ट किया कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में बाधा डालना सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है।


