जिला अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था फेल: गंदगी और बदबू के बीच इलाज कराने को मजबूर मरीज

Advertisement
छतरपुर (विनोद मिश्रा)। संभाग के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्रों में शुमार छतरपुर का जिला अस्पताल इन दिनों अपनी बदहाली और गंदगी को लेकर चर्चा में है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर और उससे उठती असहनीय बदबू ने मरीजों व उनके परिजनों का जीना मुहाल कर दिया है। स्वच्छता के दावों के बीच सामने आई ये तस्वीरें प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
अस्पताल के वार्डों के आसपास और गलियारों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। हालात यह हैं कि सफाई कर्मचारियों की तैनाती के बावजूद नियमित सफाई नहीं हो रही है। कचरा दान ओवरफ्लो हो रहे हैं और चारों तरफ फैली गंदगी के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। दूर-दराज से आए परिजन अस्पताल परिसर में बैठने तक को मजबूर हैं, जहाँ सांस लेना भी दूभर हो रहा है।
गौरतलब है कि इस जिला अस्पताल पर केवल छतरपुर ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले टीकमगढ़, पन्ना और उत्तर प्रदेश के महोबा व बेलाताल जैसे क्षेत्रों का भी भार है। हर दिन हजारों की संख्या में मरीज यहां बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन यहां की अव्यवस्थाएं उन्हें और बीमार कर रही हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के अनुपात में सफाई संसाधनों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता शून्य नजर आ रही है।
स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन और नगर पालिका के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारी एसी कमरों में बैठकर व्यवस्थाओं के दावे करते हैं, जबकि हकीकत जमीन पर कुछ और ही बयां कर रही है। लोगों ने मांग की है कि जल्द ही सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों व कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।


