छतरपुर/सटई, तौफीक अहमद। नगर परिषद सटई के सफाई कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर 7 जुलाई से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को 10वें दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मुख्य बस स्टैंड, बाजार, प्रमुख मार्गों और कई वार्डों में कचरे के ढेर लग गए हैं। समय पर कचरा नहीं उठने से कई स्थानों पर दुर्गंध फैल रही है, जिससे नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सफाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।


सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उनकी समस्याओं की लंबे समय से अनदेखी की जा रही है। कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने तथा चर्चा करने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला। कर्मचारियों के अनुसार दो माह का लंबित वेतन उनके खातों में जमा हो चुका है, लेकिन उनकी अन्य प्रमुख मांगें अब भी पूरी नहीं हुई हैं।


कर्मचारी संगठन की मुख्य मांगों में कर्मचारी कमलेश वाल्मीकि की पुनः बहाली, ईपीएफ की लंबित राशि जमा कराना, सभी सफाई कर्मचारियों को सेफ्टी किट, दस्ताने, मास्क, जूते और वर्दी उपलब्ध कराना तथा स्थायी सफाई दरोगा की नियुक्ति शामिल है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी।


लगातार बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर नगरवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नागरिकों ने नगर परिषद प्रशासन और कर्मचारी संगठन से शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की है, ताकि नगर की सफाई व्यवस्था दोबारा सुचारु हो सके। वहीं कर्मचारी संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। हालांकि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच अब तक कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन किसी अंतिम सहमति पर दोनों पक्ष नहीं पहुंच सके हैं।