दमोह, राजेन्द्र तिवारी। दमोह जिले के विकासखंड पटेरा अंतर्गत स्थित राजा बंदी छात्रावास में बड़ा हादसा हो गया। छात्रावास का छप्पर अचानक भरभराकर गिरने से वहां मौजूद कई छात्राएं घायल हो गईं। हादसे के बाद छात्रावास परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की मदद से घायल छात्राओं को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटेरा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। गंभीर रूप से घायल छात्राओं को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल दमोह रेफर किया गया।
जानकारी के अनुसार, हादसे में रश्मि अहिरवार, अनामिका लोधी, लक्ष्मी अहिरवार, शिक्षा सेन, लक्ष्मी बर्मन, ज्योति सिंह, काजल अहिरवार एवं बबली पटेल घायल हुई हैं। विधायक प्रतिनिधि दिलीप पटेल ने अपने निजी वाहन से छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी डॉक्टर डॉ. अभिषेक पटेल एवं स्वास्थ्य टीम ने सभी घायल छात्राओं का उपचार किया। कुछ छात्राओं की गंभीर स्थिति को देखते हुए 108 एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें जिला अस्पताल दमोह भेजा गया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई। तहसीलदार उमेश तिवारी, थाना प्रभारी उप निरीक्षक धर्मेंद्र गुर्जर पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। पुलिस टीम में सहायक उप निरीक्षक बलदेव अहीरवाल एवं प्रधान आरक्षक दिनेश अहिरवार भी शामिल रहे। विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुकेश गुजरे ने भी छात्रावास पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थिति की जानकारी ली।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सांसद प्रतिनिधि गणेश पटेल, वमनपुरा के पूर्व सरपंच लक्ष्मीकांत पटेल तथा हटा एसडीएम राकेश मरकाम ने पहुंचकर घायल छात्राओं का हालचाल जाना। घटना की सूचना मिलने पर छात्राओं के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए, जिससे अस्पताल परिसर में काफी देर तक भीड़ बनी रही।
पहले भी तीन बार गिर चुका है छप्पर
स्थानीय लोगों और छात्रावास से जुड़े सूत्रों के अनुसार, राजा बंदी छात्रावास का छप्पर पहले भी करीब तीन बार गिर चुका है। भवन की जर्जर स्थिति को लेकर संबंधित विभाग को कई बार लिखित शिकायतें और आवेदन दिए गए थे, लेकिन समय रहते मरम्मत या सुधार कार्य नहीं कराया गया। इस लापरवाही के चलते एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। घटना के बाद छात्रावास भवन की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही छात्रावास भवन की तकनीकी जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।




