लखनादौन (सतीश चंद्रा)। सिवनी जिले की लखनादौन नगर परिषद में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों के आवंटन में हुए बड़े वित्तीय भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर की जांच के बाद नगर परिषद अध्यक्ष मीना बलराम गोल्हानी सहित कुल 23 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। इस घोटाले से शासन को करीब 83 लाख रुपये के राजस्व की क्षति पहुँचाने का आरोप है।
नियमों को ताक पर रखकर हुआ आवंटन
जांच रिपोर्ट के अनुसार, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों के आवंटन में स्थापित नियमों को दरकिनार कर मनमानी की गई। ईओडब्ल्यू ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। आरोपियों में परिषद अध्यक्ष के साथ-साथ दो पूर्व मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) गजेंद्र पांडे और गीता वाल्मीक, वर्तमान राजस्व उपनिरीक्षक रवि गोल्हानी और पीआईसी (Presidency-in-Council) के कई सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा 14 दुकानदारों को भी सह-आरोपी बनाया गया है जिन्हें अवैध रूप से लाभ पहुँचाया गया।
पीआईसी सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर का दावा
मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा पूर्व पार्षद प्रदीप सिंह राजपूत ने किया है। उनका आरोप है कि नगर परिषद अध्यक्ष मीना बलराम गोल्हानी द्वारा पीआईसी के तीन सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर प्रस्ताव पारित कराए गए। यह जालसाजी दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए की गई थी।
राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप
भाजपा समर्थित इस नगर परिषद में हुए घोटाले को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विक्रम चौधरी ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में भ्रष्टाचार चरम पर है और लखनादौन की जनता के साथ धोखा किया गया है।
इन्हें बनाया गया आरोपी (प्रमुख नाम):
मीना बलराम गोल्हानी: अध्यक्ष, नगर परिषद लखनादौन
अधिकारी: गजेंद्र पांडे (पूर्व CMO), गीता वाल्मीक (पूर्व CMO), रवि गोल्हानी (राजस्व उपनिरीक्षक)
पीआईसी सदस्य: देवको शिवकुमार झारिया, संगीता संजय गोल्हानी, वर्षा श्रीकांत गोल्हानी, अनीता संदीप जैन, सविता गोलू कुमरे।
अन्य: 14 दुकानदार/लाभार्थी।
"पीआईसी के सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर अध्यक्ष द्वारा स्वयं किए गए हैं। इस पूरे आवंटन में भारी भ्रष्टाचार हुआ है जिसकी शिकायत हमने पहले भी की थी।"
— प्रदीप सिंह राजपूत, पूर्व पार्षद
"भाजपा की नगर परिषद भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है। 83 लाख का यह घोटाला तो बस बानगी है। दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।"
— विक्रम चौधरी, प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस



