नई दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य एवं आत्मीय भेंट की। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे विकास कार्यों, औद्योगिक निवेश की रणनीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से प्रधानमंत्री को अवगत कराकर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को मध्य प्रदेश में आयोजित होने वाली बहुप्रतीक्षित 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027' (GIS-2027) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के समक्ष प्रदेश में घरेलू व विदेशी निवेश आकर्षित करने, नए औद्योगिक गलियारों की स्थापना और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिए तैयार किए गए विस्तृत रोडमैप को प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार औद्योगिक नीतियों को सरल बनाकर मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने के लिए मिशन मोड पर कार्य कर रही है।

बैठक के दौरान डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाए जाने के तहत लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई रकबे के विस्तार, शून्य ब्याज ऋण और हाल ही में संपन्न हुए 'बलराम कृषि महोत्सव' के जरिए आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार पर प्रकाश डाला।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण व मूल्य आधारित शिक्षा के प्रसार के लिए स्थापित 'सांदीपनि विद्यालयों' की उपलब्धियों और सुदूर ग्रामीण व वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने वाली 'सुगम परिवहन योजना' की प्रगति रिपोर्ट भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय तथा प्रधानमंत्री के निरंतर मार्गदर्शन से मध्य प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में उभरने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।