मंदसौर, ​ललित शंकर धाकड़। मंदसौर जिले के दलौदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम आक्या में एक 14 वर्षीय नाबालिग बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में भारी बवाल खड़ा हो गया है। पिछले 2 दिनों से लापता बालिका का शव गुरुवार देर रात गांव के ही एक सूने कुएं से बरामद होने के बाद शुक्रवार को परिजनों और समाजजनों का आक्रोश फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों और महिलाओं ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर महू-नीमच 4 लेन हाईवे स्थित सरसोद फंटे पर बालिका का शव बीच सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। इस चक्काजाम के कारण हाईवे के दोनों तरफ कई किलोमीटर लंबा वाहनों का जाम लग गया और यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई। प्रदर्शनकारी इस पूरी घटना को सोची-समझी हत्या और दुष्कर्म से जोड़कर देख रहे हैं और मुख्य आरोपी के मकान को जमींदोज करने सहित घटना में शामिल अन्य सभी सह-आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।


परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के अनुसार, यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग के विवाद से जुड़ा हुआ है। उनका सीधा आरोप है कि बालिका की बेरहमी से हत्या करने के बाद साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को कुएं में फेंका गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 14 वर्षीय यह बालिका मंगलवार सुबह अपने घर से खेत पर जाने के लिए निकली थी, लेकिन जब वह देर शाम तक वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने अनहोनी की आशंका के चलते दलौदा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में परिजनों ने गांव के ही एक युवक अनिल मालवीय पर बालिका को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की प्रबल आशंका व्यक्त की थी। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संदेही युवक अनिल मालवीय को तत्काल हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की, जिसके बाद इस पूरे सनसनीखेज घटनाक्रम का खुलासा हुआ।


हिरासत में लिए गए युवक से मिली सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने गांव के चिन्हित कुएं पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कुएं में पानी अधिक होने के कारण जल संसाधन विभाग की मदद से बड़ी मोटरें लगाकर पहले कुएं का पानी खाली कराया गया। कई घंटों की भारी मशक्कत के बाद आखिरकार गुरुवार देर रात कुएं की तलहटी से बालिका का शव क्षत-विक्षत हालत में बाहर निकाला जा सका। शुक्रवार को जिला अस्पताल में डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद जैसे ही शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा गया, वैसे ही पूरे क्षेत्र का माहौल गरमा गया और लोग इंसाफ की मांग को लेकर हाईवे की तरफ दौड़ पड़े।


हाईवे पर हालात को बिगड़ते और कानून व्यवस्था को खतरे में देख मंदसौर के एडिशनल एसपी तेरसिंह बघेल और स्थानीय एसडीएम सहित आसपास के 5 थानों की भारी पुलिस फोर्स और वज्र वाहनों को तत्काल मौके पर तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण लिखित कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। आखिरकार, प्रशासन द्वारा मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच करने, फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाने और नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद ही परिजनों ने चक्काजाम समाप्त करने पर सहमति जताई। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।