मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। मध्य प्रदेश के मंदसौर में मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लगाए गए नए स्मार्ट मीटरों के खिलाफ आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिलों में हुई बेतहाशा और अप्रत्याशित बढ़ोतरी से नाराज सैकड़ों उपभोक्ता सड़कों पर उतर आए। बड़ी संख्या में आक्रोशित नागरिकों ने मंदसौर शहर के स्टेडियम मार्केट स्थित विद्युत वितरण केंद्र (बिजली दफ्तर) पहुंचकर कार्यालय का घेराव कर दिया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं, जिन्होंने बढ़े हुए बिजली बिलों को तुरंत वापस लेने की पुरजोर मांग उठाई। बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए मौके पर मौजूद बिजली कंपनी के आला अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को शांत कराया और उनकी मांगों पर लिखित सहमति जताई।
स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रदर्शनकारी उपभोक्ताओं ने बताया कि जब से उनके घरों में ये नए मीटर लगाए गए हैं, तब से उनकी जेब पर महंगाई का करंट लग रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि जिन घरों का मासिक बिजली बिल पहले महज 200 से 500 रुपये के बीच आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बढ़कर सीधे 5000 रुपये के पार पहुंच गया है। ऐसे में आज के इस प्रदर्शन में महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया। पीड़ित महिला उपभोक्ताओं ने बिजली कंपनी को खुलेआम चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते इस तकनीकी गड़बड़ी और भारी-भरकम बिलों की समस्या का स्थाई निराकरण नहीं किया गया, तो शहर की महिलाएं अपने-अपने घरों से इन स्मार्ट मीटरों को उखाड़कर उनकी सरेआम होली जलाएंगी।
घेराव और तीखे प्रदर्शन के बाद झुके विद्युत विभाग के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण सहमति बनाई है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जिन उपभोक्ताओं को शिकायत है, उनके स्मार्ट मीटरों की सघन जांच की जाएगी। इसके लिए नए स्मार्ट मीटर की रीडिंग को पुराने मीटर के साथ समानांतर (चेक मीटर) लगाकर जांचा जाएगा कि खराबी कहां है। राहत की बात यह है कि अधिकारियों ने इस पूरी जांच अवधि के दौरान किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन न काटने का भरोसा दिया है। इसके साथ ही, जब तक स्मार्ट मीटरों की जांच रिपोर्ट पूरी तरह सामने नहीं आ जाती, तब तक उपभोक्ताओं को यह विवादित बिजली बिल भरने से भी पूरी छूट दी गई है। इस आश्वासन के बाद ही उपभोक्ताओं का धरना समाप्त हुआ।

