छतरपुर, संतोष शिवहरे। शहर के महोबा रोड क्षेत्र में दो समुदायों के बीच उपजे विवाद के बाद तनाव की स्थिति बन गई थी। इस गंभीर मामले को लेकर राष्ट्रीय सनातन सेना भारत ने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी छतरपुर को एक शिकायती पत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने क्षेत्र में बने अवैध निर्माणों और मदरसों की जांच कर उन पर बुलडोजर चलाने तथा पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने की पुरजोर वकालत की है।
क्या है पूरा मामला?
राष्ट्रीय सनातन सेना के केंद्रीय अध्यक्ष पं. भगवती प्रसाद शुक्ला और अन्य पदाधिकारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, घटना बीते 4 से 5 जून 2026 की दरमियानी रात की है। महोबा रोड पर गुरुद्वारे के बगल वाली गली से एक हिंदू परिवार अपने घर लौट रहा था। आरोप है कि तभी सामने से आ रहे दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति ने तेज रफ्तार में लापरवाही से गाड़ी लहराई, जिससे हिंदू परिवार असंतुलित होकर गिर गया।
शिकायती पत्र में उल्लेख है कि इस घटना के बाद जब समझाने का प्रयास किया गया, तो कुछ ही देर बाद दूसरे समुदाय के 15 से 20 लोग इक_ा हो गए और उन्होंने हिंदू परिवार पर हमला कर दिया। इस दौरान दो साल की एक मासूम बच्ची को उसकी मां की गोद से छीनकर दूर फेंकने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
घटना की जानकारी मिलने पर जब स्थानीय पत्रकार उमाशंकर पटेल मौके पर कवरेज करने पहुंचे, तो उपद्रवियों ने उन पर भी पथराव कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा, सूचना मिलने पर जब डायल 112 और सिटी कोतवाली टीआई की टीम मौके पर पहुंची, तो भीड़ ने पुलिस बल के साथ भी झूमाझटकी की और पथराव किया। संगठन का आरोप है कि इस दौरान हवाई फायरिंग भी की गई और गोले फेंके गए। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत स्थिति को संभाले और मौके से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय सनातन सेना के पदाधिकारी सत्येंद्र शर्मा, दीप्ती पाण्डेय और प्रशांत तिवारी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर मीडिया से बात की। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा, टोरिया मोहल्ले में जिस प्रकार की यह घटना हुई है, वह बेहद चिंताजनक और निंदनीय है। जिहादियों द्वारा पत्थर और बम जैसी चीजें फेंकी गईं, जिसमें हमारे पत्रकार भाई और पुलिस प्रशासन को निशाना बनाया गया। एक मासूम बच्ची तक को नहीं छोड़ा गया।
उन्होंने आगे कहा, अवैध रूप से सरकारी जमीनों पर जो भी मकान और निर्माण बने हुए हैं, प्रशासन उन पर चूना डालकर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई करे। हमने पुलिस प्रशासन को दो-तीन दिन का समय दिया है। कुछ अपराधी गिरफ्तार हुए हैं, बाकी पर भी सख्त कार्रवाई का आश्वासन मिला है।

