छतरपुर/नौगांव। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट उपेंद्र देशवाल की अदालत ने नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के एक मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी राजा उर्फ हर्षवर्धन को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 24,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
एडवोकेट राहुल रैकवार के अनुसार, घटना 3 जून 2024 की शाम करीब 7:30 बजे की है। पीड़िता घर के बाहर खेल रही थी। उसी घर में आरोपी राजा शुक्ला किराए के कमरे में रहता था। पीड़िता की मां जब बच्ची को देखने बाहर गईं तो वह नहीं मिली। तभी आरोपी के कमरे से रोने की आवाज सुनाई दी। मां ने कमरे में जाकर देखा कि आरोपी बच्ची के साथ गलत कार्य कर रहा था। उन्होंने चिल्लाकर बच्ची को अपने कमरे में ले आईं और घटना अपने पति को बताई।
4 जून 2024 को पीड़िता की मां ने थाना नौगांव में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर विवेचना के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक लोकेश कुमार दुबे ने साक्ष्य पेश करते हुए आरोपी को कठोर सजा दिए जाने की मांग की। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषसिद्ध पाया और 20 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 24,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
पीड़िता को तीन लाख रुपये का प्रतिकर
न्यायालय ने पीड़िता के उपचार, भविष्य और समाज की मुख्यधारा में पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए 3,00,000 रुपये प्रतिकर दिए जाने का आदेश भी दिया है। इस संबंध में आदेश की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छतरपुर को भेजने का निर्देश दिया गया है।














