पन्ना/अजयगढ़, मोहम्मद मुस्तकीम। मझगाय बांध परियोजना के विस्थापन और पुनर्वास को लेकर चल रहे आंदोलन में शामिल 9 कार्यकर्ताओं को जमानत मिल गई है। पिछले पांच दिनों से आम शांति भंग के मामले में अमित भटनागर सहित आठ लोगों को अजयगढ़ तहसीलदार न्यायालय ने पांच शर्तों पर जमानत दे दी है।
समाजसेवी अमित भटनागर और दिव्या अहिरवार समेत कई आंदोलनकारी आंदोलन के दौरान जेल चले गए थे। बाद में कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने आंदोलन की अगुवाई संभाली। आरोपियों की ओर से एडवोकेट राकेश गर्ग ने जमानत अर्जी दाखिल की, जिस पर अदालत ने अमित भटनागर सहित आठ लोगों को जमानत मंजूर कर ली। हालांकि दिव्या अहिरवार और हिसाबी राजपूत को अभी जेल में ही रहना होगा। इन दोनों आंदोलनकारियों को अब तक जमानत नहीं मिली है।
रिहा हुए आंदोलनकारियों की जमानत कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रत्याशी भरत मिलन पांडेय ने दी। जमानतदार भरत मिलन पांडेय ने कहा कि गरीबों और आदिवासियों के हक की लड़ाई के लिए कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत से लड़ेगी।
मझगाय बांध परियोजना में विस्थापितों के उचित पुनर्वास की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन चल रहा है।














