भोपाल/बालाघाट। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आगामी 1 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। उच्च पदस्थ राजनीतिक सूत्रों के हवाले से यह बड़ी खबर सामने आई है कि राहुल गांधी सीधे बालाघाट जिले का दौरा करेंगे। बालाघाट के आदिवासी अंचलों में मलेरिया, जलजनित बीमारियों और भीषण कुपोषण के चलते करीब 20 से अधिक मासूम बच्चों की असमय मौत हुई है। राहुल गांधी अपने इस दौरे के दौरान पीड़ित बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात करेंगे, उनका दर्द साझा करेंगे और जमीनी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
आदिवासी अंचलों में मासूमों की मौत पर गरमाई सियासत
बालाघाट जिले के बैहर और बिरसा विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से मलेरिया, उल्टी-दस्त और गंभीर कुपोषण का प्रकोप बना हुआ है। समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं, शुद्ध पेयजल और पोषण आहार के अभाव में लगभग 20 मासूम बच्चों की जान जा चुकी है।इस मानवीय त्रासदी को लेकर राहुल गांधी पहले भी मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार पर तीखे हमले बोल चुके हैं। उन्होंने प्रदेश में ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था, लचर निगरानी और प्रशासनिक लापरवाही को इन मौतों का जिम्मेदार ठहराया था। अब खुद नेता प्रतिपक्ष का जमीनी स्तर पर पीड़ितों के बीच पहुंचना प्रदेश की सियासत में बड़ा उबाल ला सकता है।
दौरे की तैयारियों में जुटे कांग्रेस नेता और संगठन
सूत्रों के मुताबिक, 1 अक्टूबर को राहुल गांधी के बालाघाट आगमन को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) और स्थानीय जिला संगठन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। राहुल गांधी गांव-गांव जाकर उन पीड़ित परिवारों से सीधी बातचीत करेंगे, जिन्होंने प्रशासनिक अनदेखी के चलते अपने मासूम बच्चों को खोया है। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष और जिले के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। प्रशासनिक स्तर पर भी नेता प्रतिपक्ष के प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राहुल गांधी के इस दौरे से मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण मिशन और आदिवासी कल्याण योजनाओं की वास्तविक स्थिति पर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर तीखी बहस छिड़ना तय माना जा रहा है।













