नागपुर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी और उनके सहयोगियों पर लोकतंत्र और संविधान को 'निशाना' बनाने का आरोप लगाया और कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में एक 'अंतरराष्ट्रीय साजिश' रची जा रही है। वे भाजपा और महायुति द्वारा आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च में बोल रहे थे।सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "हमने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' के नारे के साथ यह विशाल रैली आयोजित की है। आज हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट हुए हैं। राहुल गांधी और उनके सहयोगी लोकतंत्र और संविधान को निशाना बना रहे हैं। राहुल गांधी, आपने सड़कों पर उतरकर लड़ने की धमकी दी थी। याद रखें, यह डॉ. बाबासाहेब का संविधान है, और हम भी सड़कों पर उतरकर लड़ने में पूरी तरह सक्षम हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "आप चाहे कितनी भी बड़ी संख्या में आएं, हम आपसे भी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरेंगे और आपको दिखा देंगे, यह भारत की दहाड़ है।"

मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर देश के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय साजिश चल रही है।

उन्‍होंने कहा, "वे सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। उनके लिए सत्ता परिवर्तन का मतलब सिर्फ सरकार बदलना नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को पूरी तरह से बदलना है। वे लोकतंत्र को खत्म करके एक अति-वामपंथी (अल्ट्रा-लेफ्ट) व्यवस्था स्थापित करना चाहते हैं। राहुल गांधी इस अंतरराष्ट्रीय गुट का नेतृत्व कर रहे हैं।"

इतिहास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबासाहेब के अनुसार, लोगों को दिए गए मौलिक अधिकार संविधान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, "लेकिन क्या होगा अगर कोई सरकार बाबासाहेब द्वारा दिए गए अधिकारों को छीन ले? 1975 में इंदिरा गांधी की सरकार ने वे अधिकार छीन लिए थे। कांग्रेस ही वह पार्टी है जो संविधान और सुप्रीम कोर्ट के साथ खिलवाड़ करती है।"

विपक्ष के प्रतीकों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक हाथ में लाल रंग का संविधान लिए रहते हैं, जबकि बाबासाहेब का संविधान नीले रंग का था। उन्‍होंने कहा कि राहुल गांधी यह लाल संविधान कहां से लाए हैं? बाबासाहेब ने हमें इस 'लाल झंडे' के बारे में चेतावनी दी थी। बाबासाहेब ने अपने भाषण में कहा था कि मेरे संविधान को इस लाल झंडे से खतरा है।

उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि अगर वे सीधे संविधान का अपमान करेंगे तो जनता उन्हें मारेगी। इसलिए, संविधान के खिलाफ सीधे कुछ न बोलकर, वे संविधान द्वारा बनाई गई संस्थाओं को बदनाम करने में लगे हुए हैं। अगर आपको संविधान द्वारा स्थापित संस्थाओं से न्याय नहीं मिलता है तो राहुल गांधी असल में आपसे संविधान बदलने के लिए कह रहे हैं। बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान में बिल्कुल ऐसा ही हुआ था। लेकिन, राहुल गांधी को यह याद रखना चाहिए कि अगर आप संविधान के साथ खिलवाड़ करेंगे, तो आपके अपने हाथ ही जल जाएंगे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि विपक्ष को जीवित मतदाताओं पर भरोसा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी को यकीन नहीं है कि जीवित लोग उन्हें वोट देंगे, इसीलिए वे मांग कर रहे हैं कि मर चुके लोगों के नाम फिर से मतदाता सूची में जोड़े जाएं।

उन्‍होंने कहा, “उन्हें इसलिए तकलीफ हो रही है क्योंकि घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं। आज, हम लोकतंत्र को बचाने के लिए सड़कों पर उतरे हैं। लेकिन याद रखें, राहुल गांधी एक अंतरराष्ट्रीय साजिश के सहारे देश में सत्ता परिवर्तन (रेजीम चेंज) लाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर हम अभी नहीं जागे तो वे भारत के लोकतंत्र को बर्बाद कर देंगे।”