नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी और किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा।
संजय निषाद ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष लगातार बेबुनियाद आरोप लगा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल बयानबाजी, पोस्टरबाजी और प्रेस कॉन्फ्रेंस की राजनीति कर रहा है। यही वजह से जनता ने उसे सत्ता से दूर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी महल में चोरी होती है तो सजा चोर को मिलती है, महल बनाने वाले या वहां रहने वालों को नहीं। इसी तरह अगर राम मंदिर से जुड़े किसी मामले में चोरी हुई है तो जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी, न कि मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सवाल उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। देश संविधान से चलता है और कानून के अनुसार जितना बड़ा अपराध होगा, उतनी ही कड़ी सजा मिलेगी।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की दूसरी रिपोर्ट पर संजय निषाद ने कहा कि जांच एक संवैधानिक और गोपनीय प्रक्रिया होती है। रिपोर्ट आने से पहले अटकलें लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले जांच पूरी होती है, फिर उसका विश्लेषण किया जाता है और उसके बाद ही सरकार तथा प्रशासन आवश्यक निर्णय लेते हैं। आवश्यकता पड़ने पर रिपोर्ट अदालत और जनता के सामने रखी जाती है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की टिप्पणी करना सही नहीं होगा।
संजय निषाद ने कहा कि जनता के धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। केवल मंदिर ट्रस्ट ही नहीं, बल्कि वक्फ बोर्ड, चर्च, गुरुद्वारों और अन्य सभी धार्मिक संस्थाओं के वित्तीय लेनदेन के लिए भी सख्त और समान कानून बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक संस्थानों की आय-व्यय की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि जनता को यह पता रहे कि धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए प्राप्त धन का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है।
ज्ञानवापी मामले में उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं को भी इस मामले में पहल करनी चाहिए। 'यदुवंशी' खुद को भगवान कृष्ण के वंशज मानते हैं। इसलिए कृष्ण मंदिर से जुड़े मामले में उन्हें सबसे आगे होना चाहिए।
संजय निषाद ने कहा कि जहां भी मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाए जाने के दावे को लेकर विवाद है, वहां न्यायिक प्रक्रिया के जरिए समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे विवादित मामलों का स्थायी समाधान निकालकर सामाजिक सौहार्द बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर मामले में जिस तरह अदालत के फैसले का पालन किया गया, उसी प्रकार अन्य मामलों में भी न्यायपालिका के निर्णय का सम्मान होना चाहिए।
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के सभी 18 हॉस्टलों में नॉन-वेज भोजन पर रोक लगाने के फैसले का समर्थन करते हुए संजय निषाद ने कहा कि संतुलित भोजन में शरीर को आवश्यक सभी पोषक तत्व शाकाहारी भोजन से भी मिल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान के अनुसार शरीर को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, मिनरल, वसा और पानी जैसे तत्वों की आवश्यकता होती है। यदि ये सभी तत्व संतुलित शाकाहारी भोजन से मिल रहे हैं तो मांसाहार आवश्यक नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में मांसाहार को कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी जोड़ा गया है। उनका कहना है कि भारत जैसे देश में अनाज, दाल और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, इसलिए लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर देना चाहिए।




