चंदला/छतरपुर, जीतेन्द्र तिवारी। चंदला नगर और ग्रामीण अंचलों में रेत से भरे ओवरलोड ट्रैक्टरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि आम जनता खौफ के साए में जीने को मजबूर है। इन अनियंत्रित और यमराज बनकर दौड़ रहे ट्रैक्टरों के खिलाफ सोमवार को स्थानीय नागरिकों और पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा। क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे हादसों के खतरे को देखते हुए सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए लोगों ने चंदला तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार नारायण अनुरागी को एक शिकायती ज्ञापन सौंपा और इन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने की मांग की।
क्षमता से अधिक रेत भरने से हवा में उठ जाते हैं ट्रैक्टर के पहिए
ज्ञापन में स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नगर की सड़कों पर दिन-रात रेत से भरे ओवरलोड ट्रैक्टर बेहद तेज रफ्तार और लापरवाही से निकलते हैं। स्थिति यह है कि ट्रैक्टर की ट्रॉलियों में क्षमता से कहीं ज्यादा वजन लाद दिया जाता है, जिसके कारण इन ट्रैक्टरों के आगे के पहिए और पूरा हिस्सा हवा में उठ जाता है। इस असंतुलन के कारण मुख्य रास्तों और बाजारों में कभी भी कोई भीषण हादसा हो सकता है और राहगीरों की जान जा सकती है।
पत्रकार की 'ढपली बजाओ' मुहिम रंग लाई, आंदोलन में बदले जन-आक्रोश के सुर
इस गंभीर खतरे से प्रशासन को जगाने और जनता को लामबंद करने के लिए बीते रोज वरिष्ठ पत्रकार अशोक शुक्ला ने एक अनूठी पहल की थी। उन्होंने नगर के विभिन्न चौराहों और मुख्य बस स्टैंड पर खुद ढपली बजाकर लोगों से जागने और इस तानाशाही के खिलाफ तहसील कार्यालय पहुंचने की भावुक अपील की थी। पत्रकार की इस अनोखी मुहिम का असर यह हुआ कि सोमवार को भारी संख्या में स्थानीय लोग, युवा और पत्रकार साथी इस आंदोलन के समर्थन में सड़कों पर उतर आए।
तहसीलदार को सौंपकर दी चेतावनी, सख्त कार्रवाई की मांग
सैकड़ों नागरिकों की मौजूदगी में तहसीलदार नारायण अनुरागी को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि नियमों को ताक पर रखकर चलने वाले ऐसे ओवरलोड ट्रैक्टरों के खिलाफ तत्काल सघन चेकिंग अभियान चलाकर जब्ती और राजसात की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते इन मौत के ट्रैक्टरों की अंधी रफ्तार और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह लगाम नहीं लगाई गई, तो जान-माल की भारी हानि हो सकती है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई न होने पर वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।




