भोपाल | मध्य प्रदेश में भले ही मुख्य मानसून के आगमन में अभी कुछ दिनों की देरी हो, लेकिन प्रदेशभर में प्री-मानसून की गतिविधियों ने भारी तबाही और राहत दोनों एक साथ दी है। राजधानी भोपाल में गुरुवार शाम को 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली चक्रवाती आंधी और ओलावृष्टि ने शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया, वहीं देवास में तेज बहाव के चलते एक कार रपटे में बह गई। मौसम केंद्र ने शुक्रवार को भोपाल-इंदौर समेत प्रदेश के 45 जिलों में मौसम बदले रहने और कई जिलों में तेज आंधी का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
देवास में रपटे पर बही कार, चार लोगों ने कूदकर बचाई जान
देवास जिले के सतवास में गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मसुरिया-भंडारिया मार्ग पर स्थित रेतिया खाल रपटे पर बाढ़ के तेज बहाव के बीच एक कार पानी में बह गई। कार में बुरुट गांव के चार लोग सवार थे, जो टिपरास में एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। पानी का रौद्र रूप देखकर चारों ने सूझबूझ दिखाई और समय रहते कार से बाहर कूदकर अपनी जान बचाई।
भोपाल में गिरे 80 पेड़, इंदौर में एक रात में 6.8 डिग्री लुढ़का पारा
भोपाल में यातायात ठप: राजधानी में गुरुवार शाम आई भीषण आंधी के कारण सड़कों पर करीब 80 पेड़ और उनकी विशाल टहनियां टूटकर गिर गईं, जिससे कई इलाकों में घंटों ट्रैफिक जाम रहा। भोपाल में पौन इंच बारिश दर्ज की गई।
रतलाम-धार में झमाझम: रतलाम में शुक्रवार तड़के 4:30 बजे से रुक-रुककर झमाझम बारिश का दौर जारी है, जहां सबसे ज्यादा डेढ़ इंच पानी बरसा। धार के सरदारपुर और लाबरिया में मूसलाधार बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया।
तापमान में भारी गिरावट: आंधी-बारिश से तपन गायब हो गई है। इंदौर में रात के तापमान में 6.8 डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे पारा 19 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। हिल स्टेशन पचमढ़ी 18 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे ठंडा रहा।
इन जिलों में आंधी-तूफान का 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट
मौसम विभाग ने आगामी कुछ घंटों के लिए राज्य के अधिकांश हिस्सों में चेतावनियां जारी की हैं:
ऑरेंज अलर्ट (तेज आंधी): नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, शिवपुरी, अशोक नगर, सागर और दमोह में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की आशंका है। येलो अलर्ट (आंधी-बारिश): भोपाल, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, देवास, रतलाम, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, छतरपुर, पन्ना और सतना समेत 35 जिलों में धूलभरी आंधी और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
केरल पहुंचा मानसून; मध्य प्रदेश में इस तारीख तक एंट्री संभव
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, केरल में 4 जून को मानसून ने विधिवत दस्तक दे दी है। सामान्यतः केरल पहुंचने के 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश करता है। इस लिहाज से इस वर्ष एमपी में मानसून की एंट्री सामान्य तारीख (15 जून) से करीब 5 से 7 दिन की देरी से यानी 20 से 22 जून के बीच होने की संभावना है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष 2025 में मानसून अपने नियत समय से केवल एक दिन की देरी से यानी 16 जून को आया था और 15 अक्टूबर तक उसकी विदाई हुई थी।

