नई दिल्ली। एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक्स पोस्ट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कांग्रेस की हार पर आत्ममंथन करने की सलाह दी। वहीं, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर सवाल उठाए। इस मुद्दे पर तीनों नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव परिणाम और मतदान प्रक्रिया को लेकर टिप्पणियां कीं।एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने मुंबई में कहा कि कांग्रेस को अपनी हार के कारणों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पार्टी अपनी हार का दोष किस पर डालेगी। हार के लिए किसी दूसरे को जिम्मेदार ठहराना या यह कहना कि किसी अन्य व्यक्ति की वजह से चुनाव में पराजय मिली, पूरी तरह गलत है। किसी भी राजनीतिक दल के लिए आत्ममंथन करना बहुत जरूरी है।
वारिस पठान ने कहा कि कांग्रेस को यह सोचना चाहिए कि उसे चुनाव में सफलता क्यों नहीं मिली। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दूसरों पर आरोप लगाना आसान होता है, लेकिन अपनी कमियों को समझना और उन्हें स्वीकार करना भी जरूरी है। जब कोई व्यक्ति दूसरे की ओर एक उंगली उठाता है तो चार उंगलियां उसकी ओर भी होती हैं। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने कांग्रेस को अपने प्रदर्शन की समीक्षा करने का संदेश दिया।
पठान ने यह भी कहा कि इन चुनावों में असदुद्दीन ओवैसी या ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने कहीं से भी चुनाव नहीं लड़ा। इसके बावजूद चुनाव के नतीजे सभी के सामने हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब उनकी पार्टी चुनाव मैदान में नहीं थी, तब कांग्रेस अपनी हार के लिए किसे जिम्मेदार ठहराएगी। मौजूदा परिणाम कांग्रेस के लिए आत्मचिंतन करने का अवसर है। उन्होंने दोहराया कि किसी अन्य पर दोष मढ़ने के बजाय पार्टी को हार के वास्तविक कारणों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
इस बीच, दिल्ली में कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एमएलसी चुनाव से जुड़े पोस्ट पर वाराणसी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा वाराणसी में कैसे हार गए थे। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि वहां चुनाव बैलेट पेपर से कराया गया था।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी प्रधानमंत्री मोदी के एक्स पोस्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शायद मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने सीमित दायरे वाले एमएलसी चुनाव पर टिप्पणी की है। तिवारी ने प्रधानमंत्री की चिंता, अधीरता और बेचैनी का जिक्र करते हुए कहा कि वह उनकी प्रतिक्रिया को समझ सकते हैं।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि एमएलसी चुनाव बैलेट पेपर से हुआ था और प्रधानमंत्री इसी बात का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की असफलता की ओर ध्यान दिला रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से साहस दिखाने की बात कही और सवाल किया कि वह इतने चिंतित क्यों हैं। तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पंजाब में होने वाले आगामी चुनाव भी बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए।













