छतरपुर, संजय अवस्थी। कलेक्टर मृणाल मीना की अध्यक्षता में बुधवार को जिले की निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा, निर्माण कार्यों की प्रगति, संभावित दुर्घटना स्थलों, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना तथा सनसनीखेज अपराध एवं नारकोटिक्स से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित कार्यों में तेजी लाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।
18 रेड स्पॉट पर सुरक्षा उपाय करने के निर्देश
बैठक में जिले के 18 चिन्हित रेड स्पॉट पर आवश्यक सुरक्षा उपाय करते हुए सुधार एवं परिशोधन कार्य कराने के निर्देश संबंधित निर्माण एजेंसियों को दिए गए। वहीं जिले के 9 ब्लैक स्पॉट पर वर्ष 2026 में सड़क हादसा नहीं होने पर संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना की गई। बैठक में बताया गया कि इस मामले में छतरपुर जिला मध्यप्रदेश में दूसरे स्थान पर है।
कलेक्टर ने एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और एमपीआरडीसी को सड़कों पर आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए। इनमें पेचवर्क, स्पीड ब्रेकर तथा संभावित दुर्घटना स्थलों पर साइन बोर्ड लगाने जैसे कार्य शामिल हैं।
एनएचएआई को संभावित ब्लैक स्पॉट पर साइन बोर्ड, लाइटिंग और पेचवर्क कराने के निर्देश दिए गए। सलैया में पीडब्ल्यूडी को सड़क मरम्मत, सागर रोड पर दो स्थानों पर साइनिंग बोर्ड लगाने तथा क्रिश्चियन स्कूल के पास स्पीड कंट्रोल ब्रेकर लगाने को कहा गया। एमपीआरडीसी को भी सड़क सुधार से संबंधित आवश्यक कार्य कराने के निर्देश दिए गए।
फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने के निर्देश
कलेक्टर ने नगरपालिका को सड़कों के बीच मौजूद पेड़-झाड़ियों को हटाने तथा अधिक चौड़े फुटपाथ पर दुकानदारों द्वारा किए गए घेराव को हटाकर उसकी चौड़ाई सीमित करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क को सुचारू रूप से मोटरेबल बनाया जा सके।
बस डिपो और नए बस स्टैंड के लिए जमीन चिन्हित होगी
राज्य शासन के निर्देशों के तहत मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना की समीक्षा करते हुए जिले में बस डिपो और नए बस स्टैंड के लिए उपयुक्त जमीन चिन्हित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। अधिकारियों से आगामी कार्रवाई के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया।
मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस का होगा भौतिक सत्यापन
बैठक में सनसनीखेज आपराधिक प्रकरणों और नारकोटिक्स से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने ड्रग इंस्पेक्टर को जिले के मेडिकल स्टोरों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस का भौतिक सत्यापन कराया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जिस स्थान के लिए लाइसेंस जारी हुआ है, मेडिकल स्टोर उसी स्थान पर संचालित हो रहा है।
इसके अलावा मेडिकल स्टोरों में किसी भी प्रकार की अवैधानिक गतिविधि, एक्सपायरी दवाइयों और कफ सिरप सहित अन्य दवाओं की भी जांच करने के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
बैठक में एसपी रजत सकलेचा, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, एडीएम विनय द्विवेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को आपराधिक प्रकरणों की प्रभावी निगरानी, आवश्यक कार्रवाई और साक्ष्यों को समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।














