मुंबई। एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से इसमें सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं और अपने पूरे परिवार के साथ एसआईआर फॉर्म भर दिया है और सभी नागरिकों को भी समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से न छूटे। इस दौरान उन्होंने आमिर खान की कथित तीसरी शादी को लेकर उठे विवाद समेत कई अन्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
वारिस पठान ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि एसआईआर प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है और इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उनके घर बीएलओ आए थे, जिनके सामने उन्होंने अपना और अपने परिवार के सभी सदस्यों का फॉर्म भर दिया। पूरी प्रक्रिया बेहद आसान है। नागरिकों को केवल अपनी फोटो, आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं। बीएलओ मौके पर ही फॉर्म भरने में मदद करते हैं और दस्तावेज अपने साथ ले जाते हैं। किसी भी नागरिक का वोट देने का अधिकार नहीं छिनना चाहिए और हर व्यक्ति को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसका नाम मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज रहे।
वारिस पठान ने कहा कि यदि लोग समय रहते एसआईआर की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेते हैं तो भविष्य में उन्हें अनावश्यक कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल और बिहार में कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे में लोगों को अभी से अपने दस्तावेज तैयार रखकर प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए, ताकि बाद में किसी तरह का संदेह या विवाद पैदा न हो। यदि किसी प्रकार की विसंगति सामने आती है तो लोगों को ट्रिब्यूनल और विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं, इसलिए बेहतर है कि समय रहते सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए जाएं।
आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर हिंदू संगठनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए वारिस पठान ने कहा कि वह आमिर खान के प्रवक्ता नहीं हैं, लेकिन जब अभिनेता के बहाने पूरे मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जाता है तो जवाब देना जरूरी हो जाता है। बार-बार 'लव जिहाद', 'वोट जिहाद' और 'थूक जिहाद' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर मुसलमानों को बदनाम करने की कोशिश की जाती है, जबकि ऐसे आरोपों का कोई आधार नहीं है। आमिर खान ने अपनी सभी शादियां स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत की हैं। यदि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है तो इससे दूसरों को परेशानी क्यों होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आमिर खान के परिवार में गैर-मुस्लिम समुदाय में भी शादियां हुई हैं। ऐसे मामलों पर कोई सवाल नहीं उठाता, लेकिन मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए लगातार 'जिहाद' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। भारत में एक साथ चार शादियां करने वाले मुसलमानों के उदाहरण बहुत कम या नहीं के बराबर हैं और इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर समाज में नफरत फैलाने का प्रयास किया जाता है।
मध्य प्रदेश के भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के संबंध में पूछे गए सवाल पर वारिस पठान ने कहा कि उन्होंने अभी तक अदालत का पूरा आदेश नहीं पढ़ा है। उन्होंने कहा कि जब तक वह फैसले की पूरी वजह और कानूनी आधार नहीं समझ लेते, तब तक इस मामले पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल की भाजपा नेताओं विनोद तावड़े और देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात पर पूछे गए सवाल के जवाब में वारिस पठान ने कहा कि जयंत पाटिल एक वरिष्ठ नेता हैं और वे जिससे चाहें मिल सकते हैं। यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है और इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।




