पन्ना, अमित सिंह। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले अंतर्गत रैपुरा क्षेत्र में मड़वा घाटी मार्ग के निर्माण को लेकर स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों का अनोखा और तीखा विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। सड़क की जर्जर हालत और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ कुछ समय पूर्व क्षेत्रवासियों ने कीचड़युक्त गड्ढों में सांकेतिक रूप से धान की रोपाई कर अपना आक्रोश जताया था। कई दिन बीत जाने के बावजूद जब जिम्मेदार विभाग ने सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया, तो सड़क के गड्ढों में रोपी गई वही धान अब लहलहाने लगी है। प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए प्रदर्शनकारी युवा एक बार फिर उसी स्थान पर एकत्रित हुए और सड़क पर लहलहा रही धान की फसल पर बाकायदा सांकेतिक रूप से कीटनाशक (दवा) का छिड़काव किया।
विरोध का जीवंत प्रतीक बनी फसल, आर-पार की लड़ाई के मूड में युवा
मड़वा घाटी मार्ग के गड्ढों में लहलहाती यह धान अब केवल एक फसल नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के संघर्ष और लंबे इंतजार का सशक्त प्रतीक बन चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्रीय आवागमन और आर्थिक गतिविधियों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्षों से बदहाल सड़क पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा साबित हो रहा है। युवाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक मड़वा घाटी मार्ग का पक्का और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं होता, तब तक उनका यह चरणबद्ध और अनूठा आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
जनप्रतिनिधियों के घर चावल देकर याद दिलाएंगे बदहाली: नीरज सिंह
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवा नेता नीरज सिंह ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए आगामी रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि सड़क पर उगाई जा रही इस धान की फसल पकने के बाद वे इससे तैयार होने वाले चावल को लेकर स्वयं जनप्रतिनिधियों के दरवाजे तक पहुंचेंगे। जनपद पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य से लेकर क्षेत्रीय विधायक और सांसद तक को यह 'सड़क का चावल' भेंट किया जाएगा, ताकि उन्हें मड़वा घाटी की दुर्दशा और जनता के सब्र के इम्तिहान का अहसास कराया जा सके।
"चावल लेकर मैं स्वयं जनप्रतिनिधियों के घर जाऊंगा। चाहे जनपद पंचायत सदस्य हों, जिला पंचायत सदस्य, विधायक या सांसद... सभी को यह चावल देकर मड़वा घाटी की समस्या और क्षेत्रवासियों के लंबे इंतजार की याद दिलाऊंगा।"
— नीरज सिंह, युवा नेता, रैपुरा (पन्ना)




