सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले अंतर्गत बंडा थाना क्षेत्र में जहरीली व अवैध शराब पीने से हाहाकार मच गया है। मामले में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, हालांकि प्रशासनिक तौर पर कलेक्टर ने 10 मौतों की पुष्टि की है। घटना का मुख्य केंद्र नौरोजा, गूगरा खुर्द, बराज और बमुराबेड़ा गांव बताए जा रहे हैं। शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे प्रशासन को पहली बार ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी। देखते ही देखते करीब 35 लोगों को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में लाया गया, जिनमें से कई की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) और जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया है। मौतों का आंकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बंडा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 लोगों के खिलाफ नामजद व संबंधित धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबार में लिप्त माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

वहीं दूसरी ओर, प्रशासनिक अमले ने एहतियातन कदम उठाते हुए क्षेत्र की शराब दुकानों पर ताले जड़ दिए हैं। प्रथम दृष्टया सुरक्षा व जांच के मद्देनजर बरेठी, बंडा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर और बरायठा स्थित शराब दुकानों को सील कर दिया गया है। आबकारी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा इन दुकानों में मौजूद शराब के स्टॉक की गहन सैंपलिंग कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है तथा मामले से जुड़े किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस लगातार संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों की धरपकड़ में जुटी हुई है।


इनकी मौत हुई

नाम

पता

उम्र

गोलू उर्फ चमन लोधी, पिता साहब सिंह

ग्राम गूगरा खुर्द

45

दिग्विजय, पिता देवेंद्र लोधी

ग्राम नौराज

28

करतार सिंह, पिता जोधन लोधी

ग्राम नौराज

30

उजयार सिंह, पिता विजय सिंह लोधी

ग्राम गूगरा खुर्द

56

रोशन लोधी, पिता जगन्नाथ

ग्राम पाटन, थाना विनायका

30

राजेंद्र, पिता मूरत लोधी

ग्राम नौराज, गूगरा

32

हरनाम, पिता घनश्याम राय

ग्राम चौका

42

उत्तम नत्थू नायक

ग्राम दलपतपुर

42

सुमेर सिंह दांगी, पिता पूरन

ग्राम बमूरा

47

राजकुमार लोधी, पिता नन्नई लोधी

ग्राम बमूरा

47

सुरेंद्र अहिरवार, पिता सुखलाल

ग्राम लिधौरा

35

भाजपा नेता की भी गई जान

मामले में मौतों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। मृतकों में बंडा विधानसभा अंतर्गत बरा मंडल के भाजपा महामंत्री हरनाम राय (42 वर्ष, निवासी ग्राम चौका) भी शामिल हैं। भाजपा नेता की मौत की सूचना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।


शरीर पड़ गया नीला, आधे घंटे में ही ग्रामीणों ने तोड़ा दम

अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों के अनुसार, भर्ती कराए गए मरीजों के शरीर तेजी से नीले पड़ रहे थे और अंगों में अत्यधिक अकड़न देखी गई, जो गंभीर विषाक्तता की ओर संकेत करती है। मृतकों के परिजनों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि शराब पीने के कुछ ही देर बाद पीड़ितों का शरीर बर्फ की तरह ठंडा पड़ने लगा, दृष्टि धुंधली हुई और असहनीय पेट दर्द के बीच महज आधे घंटे में उन्होंने दम तोड़ दिया। बमुराबेड़ा गांव के निवासी रामकुमार दांगी ने बताया कि उनके चचेरे भाई सहित तीन लोगों ने साथ बैठकर शराब पी थी और देखते ही देखते सभी काल के गाल में समा गए। शवों को अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए बंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया है।


कमिश्नर, आईजी और कलेक्टर ग्राउंड पर

जहरीली शराब कांड की गंभीरता को देखते हुए सागर संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), कलेक्टर प्रतिभा पाल और पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभावित ग्राम नौराज और गूगरा खुर्द का दौरा किया। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और अस्पतालों में पहुंचकर चिकित्सकों को पीड़ितों के सर्वोत्तम इलाज के निर्देश दिए। घटना के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए क्षेत्र की 6 संदिग्ध शराब दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है तथा शराब के स्टॉक की केमिकल सैंपलिंग शुरू करा दी है। अवैध शराब माफिया के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और धरपकड़ के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।


गांव-गांव मेडिकल स्क्रीनिंग, प्रशासन ने की तत्काल जांच कराने की अपील

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में उतार दिया गया है। जिन लोगों ने भी पिछले 24 से 48 घंटों में शराब का सेवन किया है, उनकी घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की जा रही है और लक्षण मिलने पर तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने आमजन से पुरजोर अपील की है कि यदि किसी ने भी बीते दो दिनों में शराब पी है अथवा उन्हें उल्टी, जी मिचलाना, सिरदर्द या धुंधला दिखने जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो वे बिना किसी भय या संकोच के तुरंत स्थानीय मेडिकल टीम से संपर्क करें या नजदीकी शासकीय अस्पताल पहुंचकर अपनी जांच कराएं, ताकि समय रहते बहुमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सके।


यूपी के ललितपुर से जुड़े तार, 6 दुकानें सील कर कई संदिग्ध हिरासत में

घटना के सामने आते ही सागर संभाग के कमिश्नर, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), कलेक्टर और एसपी दल-बल के साथ प्रभावित गांवों में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, प्राथमिक जांच में इस जहरीली शराब की अवैध सप्लाई पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से होना सामने आया है। पुलिस ने सीमा पार ललितपुर के नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एहतियाती कदम उठाते हुए प्रशासन ने क्षेत्र की 6 देशी-विदेशी शराब दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है और स्टॉक के सैंपल जांच हेतु लैब भेजे हैं। वहीं घटना के विरोध में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने बंडा के बरा चौराहे पर चक्काजाम कर आक्रोश जताया।


सहायक आयुक्त समेत 3 अधिकारी निलंबित

लापरवाही बरतने और अवैध शराब पर लगाम न कस पाने के आरोप में आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है:

कीर्ति दुबे: सहायक आयुक्त आबकारी (सागर)

दिलीप खंडाते: सहायक जिला आबकारी अधिकारी

रोशनी उरेती: आबकारी उप निरीक्षक (वृत्त बंडा)


संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी पर भी गाज

मामले में संभागीय उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वाड) की भूमिका पर भी गाज गिरी है। लापरवाही के चलते उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को उनके पद से हटाते हुए आबकारी मुख्यालय ग्वालियर अटैच (संबद्ध) कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध और जहरीली शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ जांच जारी है और दोषियों पर आगे भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले की बंडा तहसील में दूषित और जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में पुलिस प्रशासन ने भी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। आबकारी विभाग के अफसरों के निलंबन के बाद अब स्थानीय पुलिस अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया गया है। वहीं, इस दुखद त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर अब 15 हो गई है।


SP ने की कड़ी कार्रवाई: दो थाना प्रभारी सस्पेंड

मामले की गंभीरता और कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद सागर पुलिस अधीक्षक (SP) अनुराग सुजानिया ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए दो थाना प्रभारियों को निलंबित कर दिया है:

गूगरा चौकी प्रभारी: लापरवाही और क्षेत्र में अवैध शराब पर रोक न लगा पाने के आरोप में निलंबित।

बंडा थाना प्रभारी: क्षेत्राधिकार में पुलिस पेट्रोलिंग और सतर्कता में चूक के चलते सस्पेंड।


इस घटनाक्रम पर प्रमुख बयान

डॉ. मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश):

दुबई रवाना होने से पूर्व मैंने सागर जिले के प्रभारी मंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ अत्यंत कठोर कार्रवाई की जाएगी। मध्य प्रदेश में अवैध और जहरीली शराब के कारोबार को हमारी सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।


जगदीश देवड़ा (उपमुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश):

सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में शराब के सेवन से हुई नागरिकों की मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक और दुखद है। मैंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट ली है। आबकारी आयुक्त को तुरंत मौके पर भेजा गया है। इस गंभीर हादसे के पीछे जो भी व्यक्ति या नेटवर्क जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


प्रतिभा पाल (कलेक्टर, सागर):

मामले की पहली सूचना शनिवार तड़के मिली थी, जो बंडा क्षेत्र के नौरोजा और गूगरा खुर्द गांवों से जुड़ी है। प्रशासनिक तौर पर अब तक 10 मौतों की पुष्टि हुई है। चिकित्सकों के अनुसार प्राथमिक पोस्टमार्टम में मिथाइल अल्कोहल के लक्षण सामने आए हैं। स्वास्थ्य अमला प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रहा है। पिछले 24 से 48 घंटे में जिन लोगों ने भी शराब का सेवन किया है और उन्हें उल्टी, सिरदर्द या अकड़न की शिकायत है, वे तत्काल अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं।


अनुराग सुजानिया (पुलिस अधीक्षक, सागर):

पुलिस जांच में प्राथमिक तौर पर यह तथ्य सामने आया है कि इस अवैध शराब की खेप उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से सप्लाई की गई थी। सागर पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अवैध शराब के निर्माण और परिवहन से जुड़े माफिया पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


उमंग सिंघार (नेता प्रतिपक्ष, मप्र विधानसभा):

शराब पीने के बाद लोगों का शरीर नीला पड़ना और कुछ ही पलों में दम तोड़ देना अत्यंत भयावह है। यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सरकार की नाक के नीचे फल-फूल रहे अवैध शराब सिंडिकेट और प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है। पहले उज्जैन और अब सागर में यह त्रासदी हुई। मुख्यमंत्री तत्काल उच्चस्तरीय जांच दल गठित कर सागर भेजें, मौतों को रोकने के लिए युद्धस्तर पर कदम उठाएं और पीड़ित परिवारों को अविलंब उचित आर्थिक सहायता प्रदान करें।


जीतू पटवारी (प्रदेशाध्यक्ष, मध्य प्रदेश कांग्रेस):

हमने पहले भी सागर जिले में जहरीली शराब के अवैध कारोबार को मिल रहे सरकारी व प्रशासनिक संरक्षण पर गंभीर सवाल उठाए थे। मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि यह शराब माफिया किसके संरक्षण में इतना बेखौफ है और हर बार गरीबों की जान जाने के बाद ही सरकार की नींद क्यों खुलती है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और संलिप्त अधिकारियों व माफिया पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो।


तरवर सिंह लोधी (पूर्व विधायक, बंडा):

पिछले तीन-चार दिनों के भीतर क्षेत्र में हजारों ग्रामीणों ने यह मिलावटी और जहरीली शराब पी है, जिससे स्थिति बेहद विस्फोटक हो चुकी है। हम सरकार और महामहिम राज्यपाल से मांग करते हैं कि इस पूरे हत्याकांड के जिम्मेदारों पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही अपनी जान गंवाने वाले प्रत्येक निर्दोष व्यक्ति के परिजनों को सरकार ₹1 करोड़ की मुआवजा राशि प्रदान करे।


रामकुमार दांगी (पीड़ित परिजन, ग्राम बमुराबेड़ा):

हमारे गांव में ही इस जहरीली शराब से चार लोगों की मौत हो चुकी है। मेरे चचेरे भाई सहित तीन लोगों ने साथ बैठकर शराब पी थी। शराब पीने के चंद मिनटों बाद ही उनका शरीर बर्फ जैसा ठंडा पड़ने लगा, अंगों में ऐंठन हुई और महज आधे घंटे के भीतर उन्होंने दम तोड़ दिया। हमारे हंसते-खेलते परिवार उजड़ गए हैं। जिले की बंडा तहसील में नकली शराब पीने से हुई 14 लोगों की दर्दनाक मौत के मामले में राज्य सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाया है। गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों में घटी इस दुखद घटना को गंभीरता से लेते हुए शासन ने आबकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।