नई दिल्ली। यूपीआई भुगतान में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने का विपक्षी नेताओं ने विरोध किया है। आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) सदस्य गुरुनाधम, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत, आरजेडी सांसद मनोज झा और एनसीपी नेता क्लाइड क्रास्टो ने भाजपा सरकार पर अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया और इस आदेश को वापस लेने की मांग की।
एपीसीसी के वाइस प्रेसिडेंट गुरुनाधम ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "भारत सरकार ने काफी समय पहले यूपीआई पेमेंट सिस्टम शुरू किया था। शहरों व मेट्रो इलाकों में लोग अब चाय-कॉफी के लिए भी यूपीआई से पेमेंट करने के आदी हो गए हैं। लोग छोटी-मोटी खरीदारी, जैसे कॉफी के लिए भी यूपीआई से पेमेंट करने के अभ्यस्त हो चुके हैं। पूरे भारत में लोग इसी ट्रेंड को अपना रहे हैं। शुरुआत में भारत सरकार ने कहा था कि ऐसे ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। मुझे लगता है कि 2007 या 2008 में एक कानून भी लाया गया था, जिसमें कहा गया था कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के तहत इस तरह के ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा। अब सरकार कारोबारियों और आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। इस फैसले पर सरकार को दोबारा विचार करना चाहिए। "
2,000 से ज्यादा के मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर 0.4 फीसदी यूपीआई चार्ज के बारे में आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा, "लोगों को डिजिटल ट्रांजैक्शन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप लोग कैश ट्रांजेक्शन से दूर होने लगे थे। अब आप (सरकार) यह शुरू कर रहे हैं और हम जानते हैं कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं। यह आपका अपना फैसला नहीं है। आप ऐसा उस चीज के अनुसार कर रहे हैं, जिसे हम अक्सर 'अमेरिकी साम्राज्यवाद' कहते हैं। मेरा मानना है कि अगर ऐसी चीजें जारी रहीं, तो फैसले हमारे देश के हितों के अनुसार नहीं लिए जा रहे हैं। एक तरह से, यह डिजिटल ट्रांजैक्शन को वापस शुरुआती स्थिति में ला सकता है और लोग फिर से कैश को प्राथमिकता देने लग सकते हैं। सरकार भारत के स्थिति पर सोचती तो ऐसा निर्णय नहीं लेती।"
एनसीपी (एसपी) नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने कहा, "केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने लोगों को परेशान करने का एक और तरीका ढूंढ लिया है। अब वे कह रहे हैं कि यूपीआई ट्रांजैक्शन पर टैक्स लगाया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति कुछ खरीदता है, तो दुकानदार को टैक्स देना होगा। वे कहते हैं कि दुकानदार यह टैक्स देगा। आप ही बताइए, कौन सा दुकानदार अपनी जेब से यह टैक्स देगा? वह यह बोझ क्यों उठाएगा? कहीं न कहीं, वह इस बोझ को उस ग्राहक पर डालने का तरीका ढूंढ ही लेगा जो खरीदारी कर रहा है। सरकार को लोगों के विरुद्ध काम करना बंद करे।"
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "भाजपा एक तरफ डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रही थी और अब आम आदमी की जेब काटने की तैयारी कर रही है। अमेरिका की कंपनी गूगल, यूपीआई वालमार्ट को फायदा पहुंचाने के लिए यूपीआई ट्रांजेक्शन पर टैक्स लगाने की कवायद की जा रही है।"




