सीहोर। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे व्यापक जनजागरूकता अभियान “नशे से दूरी है जरूरी” के बीच सीहोर जिले से एक बेहद अनूठी और प्रेरक खबर सामने आई है। सीहोर के नवागत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) डॉ. प्रशांत चौबे का एक रचनात्मक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है। इस वीडियो की सबसे खास बात यह है कि डॉ. चौबे ने इसमें किसी पुलिस अधिकारी की पारंपरिक या सख्त औपचारिक भूमिका नहीं निभाई है, बल्कि खुद एक नशे के आदी व्यक्ति (नशेलची) का संवेदनशील किरदार निभाकर समाज की अंतरात्मा को झकझोरने वाला संदेश दिया है। सीहोर में अपनी नई जिम्मेदारी संभालने से पहले ही उनका यह अनोखा प्रयास समूचे क्षेत्र में चर्चा और प्रशंसा का मुख्य केंद्र बन गया है।


प्रशासनिक फेरबदल के तहत सीहोर जिले में पूर्व एएसपी सुनीता रावत के स्थानांतरण के बाद विदिशा के एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे को सीहोर की नई कमान सौंपी गई है। शनिवार को विदिशा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उन्हें पुलिस महकमे की ओर से भावभीनी विदाई दी गई, जिसके बाद वे जल्द ही सीहोर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में अपना पदभार ग्रहण करने जा रहे हैं। हालांकि, अपनी नई जॉइनिंग से पहले ही उनका यह सामाजिक सरोकार से ओत-प्रोत शॉर्ट वीडियो आम जनता के मोबाइल स्क्रीन तक पहुंच चुका है और लोग एक पुलिस अधिकारी के इस मानवीय दृष्टिकोण की जमकर सराहना कर रहे हैं।


नशे की भयावह सच्चाई को किया उजागर और युवाओं से की सीधी अपील

इस शॉर्ट वीडियो में डॉ. प्रशांत चौबे ने अपने दमदार अभिनय के माध्यम से समाज को नशे के दलदल की भयावह सच्चाई से रूबरू कराया है। वीडियो के दृश्यों में बेहद संवेदनशीलता के साथ यह दर्शाया गया है कि किस प्रकार नशे की एक छोटी सी पुड़िया या लत किसी भी हंसते-खेलते व्यक्ति की सेहत, उसके परिवार की खुशियों, सामाजिक प्रतिष्ठा और उज्ज्वल भविष्य को पूरी तरह से तबाह कर देती है। यह मर्मस्पर्शी प्रस्तुति सीधे तौर पर युवाओं और उनके अभिभावकों को इस गंभीर सामाजिक बुराई के प्रति सोचने और सचेत होने पर मजबूर करती है।


वीडियो के अंतिम भाग में डॉ. चौबे ने एक जिम्मेदार नागरिक और पुलिस अधिकारी के रूप में विशेषकर युवा पीढ़ी के नाम एक सीधी और आत्मीय अपील जारी की है। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि नशा सिर्फ उस व्यक्ति को शारीरिक रूप से खत्म नहीं करता जो इसका सेवन करता है, बल्कि यह उसके पूरे परिवार की आर्थिक और मानसिक स्थिति को भी बर्बाद कर देता है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि देश का युवा वर्ग खुद इस लत के प्रति जागरूक बने, इससे पूरी तरह दूरी बनाए रखे और अपने आसपास के परिवेश को भी इस सामाजिक अभिशाप से सुरक्षित रखने में अपना सक्रिय योगदान दे।


जिम्मेदार पुलिसिंग की अनूठी मिसाल और नशामुक्ति अभियान को मिलेगी नई धार

आमतौर पर आम जनता के बीच पुलिस अधिकारियों की छवि एक सख्त और केवल कानून व्यवस्था संभालने वाले प्रशासनिक चेहरे के रूप में देखी जाती है। परंतु, डॉ. प्रशांत चौबे ने एक सामाजिक जिम्मेदारी के लिए स्वयं कैमरे के सामने आकर अभिनय करने का जो साहस दिखाया है, उसने संवेदनशील और जिम्मेदार पुलिसिंग (Sensitive Policing) का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। यही मुख्य वजह है कि सोशल मीडिया पर नेटिजन्स इस वीडियो को लगातार लाइक और शेयर कर रहे हैं, साथ ही पुलिस विभाग के इस रचनात्मक रूप की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं।


सीहोर जिले में पुलिस और प्रशासन द्वारा नशामुक्ति को लेकर पहले से ही कई तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन डॉ. चौबे के इस जमीनी और भावनात्मक संदेश से अब इस अभियान को एक नई धार और जनसमर्थन मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। वर्तमान समय में जब युवाओं को नशे के जाल से बाहर निकालना एक बड़ी सामाजिक चुनौती बन चुका है, तब एक उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारी का यह मानवीय, कलात्मक और रचनात्मक प्रयास न केवल सीहोर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा बनकर उभरा है।