छतरपुर। जिले की नौगांव जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सरसेड में निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और सरपंच के जाति प्रमाण पत्र को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत के उपसरपंच प्रतिनिधि चित्रकोटी भदौरिया ने छतरपुर कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर उच्च स्तरीय जांच और भुगतान पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इससे पूर्व 20 मई 2026 को जन समस्या निवारण शिविर में भी शिकायत की गई थी, जिस पर कार्रवाई न होने के बाद अब सीधे कलेक्टर के पास मोर्चा खोला गया है।


नाली निर्माण में घटिया सामग्री और फर्जी जाति प्रमाण पत्र का आरोप

शिकायतकर्ता चित्रकोटी भदौरिया का आरोप है कि सरपंच द्वारा ग्राम चपरन में कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य में बेहद घटिया और अमानक सामग्री का उपयोग कर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही यह गंभीर आरोप भी लगाया गया है कि सरपंच के पास अनुविभागीय अधिकारी नौगांव का कोई वैध जाति प्रमाण पत्र नहीं है, जबकि यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। शिकायत में सरपंच के प्रमाण पत्र की सत्यता पर सीधे सवाल उठाए गए हैं।


मनरेगा तालाब से मुरुम की अवैध बिक्री, राशि आहरण के बाद भी काम नहीं

शिकायत में उल्लेख है कि ग्राम चपरन में मनरेगा योजना के तहत स्वीकृत सामुदायिक खेत तालाब से सरपंच द्वारा अवैध रूप से मुरुम और रेत निकालकर बेची जा रही है, जिस पर पूर्व में खनिज विभाग ने ट्रैक्टर भी पकड़ा था। इसके अलावा सरपंच पर कई निर्माण कार्यों की राशि एडवांस निकालने और धरातल पर काम शुरू न कराने का भी आरोप है।


सचिव निलंबित, सरपंच पर धारा 40 के तहत कार्रवाई के निर्देश

उल्लेखनीय है कि कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने विगत रोज टीएल बैठक में ग्राम पंचायत सरसेड़ में खेत तालाब का कार्य शुरू न होने पर संबंधित पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं सरपंच के विरुद्ध पंचायती राज अधिनियम की धारा 40 के तहत पद से हटाने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।