मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते प्रमुख नदियां विकराल रूप धारण कर चुकी हैं। अंचल की क्वारी और आसन नदी का जलस्तर तेजी से खतरे के निशान के ऊपर पहुंचने से मैदानी और तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं। नदियों के तेज बहाव और बाढ़ के पानी के कारण देवगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत खितौरा और काबिल गांव का सड़क संपर्क जिला मुख्यालय व आसपास के कस्बों से पूरी तरह कट गया है। पानी के निरंतर फैलाव से ग्रामीण बस्तियां चारों तरफ से जलमग्न हो गई हैं।
काबिल गांव में फंसे 100 से अधिक लोग, सूचना पर दौड़ा प्रशासनिक अमला
नदियों का जलस्तर एकाएक बढ़ने से देवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम काबिल में हालात बेहद नाजुक हो गए। गांव के निचले इलाकों में पानी भर जाने के कारण लगभग 100 से अधिक ग्रामीण चारों ओर से तेज बहाव के बीच फंस गए। चारों तरफ पानी भरने और बाहर निकलने के सभी रास्ते बंद होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों के बाढ़ में घिरने की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDRF) की विशेष टीम को मोटरबोट और आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल मौके पर रवाना किया गया।
SDRF का साहसिक अभियान: तेज बहाव के बीच 40 ग्रामीणों को निकाला सुरक्षित
काबिल गांव पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने हालात की गंभीरता को भांपते हुए बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस जटिल और जोखिम भरे अभियान की कमान एसडीआरएफ टीम प्रभारी प्रमोद दंडोतिया ने स्वयं संभाली। उफनते पानी और तेज बहाव के बीच जवानों ने मोटरबोट के जरिए पानी में फंसे ग्रामीणों तक पहुंच बनाई। टीम ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित करीब 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाए गए सभी ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा बनाए गए सुरक्षित राहत केंद्रों पर पहुंचाया गया, जहाँ उनके भोजन और प्राथमिक उपचार के प्रबंध किए गए हैं।
तटीय इलाकों में प्रशासन का हाई अलर्ट, जलस्तर पर सतत निगरानी
देवगढ़ थाना क्षेत्र सहित क्वारी और आसन नदी के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीमें प्रभावित गांवों में सतत गश्त कर रही हैं। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के निवासियों से सतर्क रहने और जलभराव वाले रास्तों अथवा रपटों को पार न करने की कड़ी अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू टीमें मौके पर मुस्तैद हैं और स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।




