टीकमगढ़, मोहसिन अहमद। शहर में दर्ज एक मारपीट के मामले में नया मोड़ सामने आया है। थाना कोतवाली में दर्ज एफआईआर में आरोपी बनाए गए महेंद्र सिंह गौर की मां मनीषा राजे गौर ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जिस समय घटना होना बताई गई है, उस समय महेंद्र सिंह गौर अपने घर पर मौजूद थे, जिसकी पुष्टि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से की जा सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक व्यक्ति एक ही समय में दो अलग-अलग स्थानों पर कैसे मौजूद हो सकता है।


आवेदन के अनुसार, 29 जून को दर्ज मारपीट के मामले में घटना का समय शाम करीब 7:40 से 8:00 बजे बताया गया है। मनीषा राजे गौर का दावा है कि उस दौरान उनका बेटा अपने माता-पिता के साथ घर पर था और उसकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं। उनका आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते फरियादी पक्ष ने झूठे तथ्यों के आधार पर महेंद्र सिंह गौर का नाम एफआईआर में शामिल कराया है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि घटना के समय फरियादी पक्ष के पिता द्वारा मोबाइल पर बातचीत और कथित धमकी दिए जाने के तथ्य कॉल रिकॉर्ड एवं मोबाइल लोकेशन से स्पष्ट हो सकते हैं।


मनीषा राजे गौर ने पुलिस अधीक्षक से घर के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में यह साबित हो जाता है कि घटना के समय महेंद्र सिंह गौर मौके पर मौजूद नहीं थे, तो उनका नाम एफआईआर से हटाकर उन्हें झूठे मामले से राहत दी जाए। इस पूरे मामले ने पुलिस जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भूमिका और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है। अब सभी की निगाहें पुलिस अधीक्षक के निर्णय और जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं।


यह था मामला


29 जून को ईदगाह मार्केट स्थित निर्मल मॉल के सामने हुए कथित जानलेवा हमले में घायल युवक हर्ष राय ने थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में हर्ष राय ने आरोप लगाया था कि वह अपने परिचित निमित चौधरी के साथ वहां मौजूद था, तभी उज्जवल गौर, महेंद्र सिंह गौर, देव उर्फ देवांश तिवारी और दो-तीन अन्य युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि सभी ने उसे घेरकर गाली-गलौज की, पांच हजार रुपये की मांग की और रुपये नहीं देने पर उसके साथ मारपीट की। इसी एफआईआर में महेंद्र सिंह गौर को भी आरोपी बनाया गया है, जिसके विरोध में उनकी मां ने अब पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई है।