पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एटीएम फ्रॉड का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शहर के व्यस्त गल्लामंडी इलाके में स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे दो ग्राहकों के खातों से कुल 25,000 रुपये कट गए, लेकिन मशीन से कैश बाहर नहीं आया। जब मामले की जांच की गई, तो ठगी के एक शातिर तरीके का खुलासा हुआ।


कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?

गल्लामंडी निवासी हर्ष द्विवेदी के खाते से 15,000 रुपये और ब्रजेश पटेल के खाते से 10,000 रुपये कट गए, लेकिन दोनों को एक भी रुपया नहीं मिला। जांच के दौरान एटीएम मशीन की कैश डिस्पेंसर (कैश निकलने वाली खिड़की) पर शातिरों ने चालाकी से लोहे की एक छोटी पट्टी और फेविक्विक/टेप चिपका रखा था। इस तिकड़म के कारण जब ग्राहक पैसे निकालने के लिए ट्रांजैक्शन करता था, तो मशीन से निकलने वाला कैश बाहर आने के बजाय उसी पट्टी और टेप में अंदर ही चिपक कर फंस जाता था। जैसे ही ग्राहक परेशान होकर वहां से लौटता था, आरोपी आकर फंसा हुआ कैश निकाल लेते थे।


पुलिस खंगाल रही CCTV फुटेज

घटना की जानकारी मिलते ही पन्ना कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मशीन पर चिपकाए गए टेप व लोहे की पट्टी को हटवाया। पुलिस एटीएम बूथ और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस शातिर गैंग ने इस तरीके को यहां कब से अपना रखा था और इससे पहले कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।


एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना के बाद शहर के एटीएम सेंटरों की सुरक्षा को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं: बैंक कर्मचारियों के मुताबिक, पन्ना जिले के सभी एटीएम सेंटरों के संचालन और सुरक्षा का जिम्मा जबलपुर की एक निजी कंपनी के पास है। सुरक्षा गार्ड्स की नियुक्ति भी उसी कंपनी द्वारा की जाती है। गल्लामंडी जैसा इलाका हमेशा व्यस्त रहता है, इसके बावजूद एटीएम में तैनात गार्ड और कैमरों की कार्यप्रणाली पर संदेह जताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि गार्ड मुस्तैद होते, तो शातिर बदमाश एटीएम मशीन से छेड़छाड़ नहीं कर पाते।