वेलिंगटन। न्यूजीलैंड के हेड कोच रॉब वाल्टर ने कहा कि क्राइस्टचर्च में भारत के खिलाफ दो टी20 मैचों में उनकी टीम का मैच को जीत में न बदल पाना काफी भारी पड़ा, हालांकि उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि टीम ने दोनों मैचों में लंबे समय तक बहुत अच्छा खेल दिखाया।न्यूजीलैंड ने भारत को कड़ी टक्कर दी, लेकिन हेगले ओवल में उन्हें लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। दोनों ही बार हार का अंतर एक जैसा रहा - चार विकेट। न्यूजीलैंड क्रिकेट द्वारा रविवार को जारी एक वीडियो में वाल्टर ने कहा, "यह वाकई मुश्किल है। जैसा कि हम जानते हैं कि टी20 क्रिकेट में जीत और हार का अंतर बहुत कम होता है। दोनों मैचों में हम आसानी से जीत सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।"
वाल्टर ने कहा, "शायद हर बार हमने कुछ ऐसे मौके गंवा दिए, जिनसे हम मैच अपने नाम कर सकते थे। थोड़ी निराशा जरूर है, लेकिन टीम के खेल से मैं बहुत खुश हूं। इस सीरीज से पहले एक टीम के तौर पर हमने ज्यादा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला था। मुझे लगता है कि हमने हर मैच के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से में बहुत अच्छा खेल दिखाया। बस हम हर बार मैच को जीत में नहीं तब्दील नहीं कर पाए, जो निराशाजनक है। हालांकि, फिर भी अब तक खेले गए दोनों मैचों से कई सकारात्मक चीजें सामने आई हैं।"
कोच ने फील्डिंग के दौरान छूटे कुछ मौकों का जिक्र किया, जिनकी वजह से मैच भारत के पक्ष में चला गया। उन्होंने कहा, "खेल के दौरान कुछ छोटी-छोटी चीजें हुईं। जैसा कि हम जानते हैं, एक 'नो-बॉल' पर विकेट गिरना मैच के नतीजे पर भारी पड़ा। फील्डिंग में भी कुछ मौके छूटे और खेल में ऐसा हो ही जाता है। कोई भी जानबूझकर ऐसी गलतियां नहीं करना चाहता, लेकिन ये हो जाती हैं और इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।"
"मुझे लगता है कि भारत भी अपने प्रदर्शन और छूटे हुए कुछ मौकों के बारे में यही कह रहा होगा, जिसका असर उनके खेल पर भी पड़ा होगा, हालांकि मुझे लगता है कि ज्यादातर चीजों में पहले से किए गए अच्छे प्रदर्शन को लगातार बेहतर बनाने और उसमें छोटे-मोटे सुधार करने की जरूरत है। मुझे लगता है कि हमारी बैटिंग यूनिट में अलग-अलग खिलाड़ियों ने बहुत ही शानदार काम किया है।
"दूसरे टी20 की ही बात करें तो पावरप्ले में ही हमारे तीन विकेट गिर गए थे। ऐसी स्थिति से 180 रन तक पहुंचना कोई आम बात नहीं है। इसी वजह से बेवन जैकब्स और ग्लेन फिलिप्स ने बहुत बढ़िया काम किया और हमें 180 रन तक पहुंचाया। सच कहूं तो यह एक ऐसा स्कोर था जिसे डिफेंड किया जा सकता था। बस कुछ छोटी-छोटी चीजें हैं जिन्हें और बेहतर किया जा सकता है। बैटिंग यूनिट के नजरिए से देखें तो कुछ जगहों पर हम थोड़ा और बेहतर कर सकते थे।"
न्यूजीलैंड के हेड कोच ने कहा, "हालांकि मुझे लगता है कि हमने पिछले दो मैचों में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। वहीं बॉलिंग के मामले में भी हम पहले के मुकाबले दूसरे दिन बेहतर रहे। हमारी फील्डिंग की तीव्रता और कोशिशों पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। खिलाड़ियों ने कमाल का प्रदर्शन किया है, वे मैदान पर पूरी जान लगाकर खेले हैं। मुझे लगता है कि यह सबने देखा होगा। बस कुछ मौकों को भुनाने की जरूरत है, जो हमें आम तौर पर करना चाहिए और फिर सब कुछ ठीक हो जाएगा।"
वाल्टर ने बताया कि हेगले ओवल में दोनों मैचों के दौरान हालात बदल गए थे और दूसरे मैच में बैटिंग करना अधिक मुश्किल हो गया था। "खेल की यही तो खूबसूरती है, है ना? कोई भी दिन एक जैसा नहीं होता। पिच में थोड़ा बदलाव आया है। हालात हमेशा अलग होते हैं। भले ही दिन एक जैसा क्यों न हो। पिच की सतह थोड़ी अलग थी। खेल की शुरुआत भी अलग तरह से हुई।चीजें कभी भी बिल्कुल एक जैसी नहीं होतीं। बैटिंग के नजरिए से यह निश्चित रूप से थोड़ा ज्यादा मुश्किल था और यह स्कोर में भी दिखता है। शायद दोनों टीमों के बॉलर्स ने भी पिछली रात के मुकाबले बेहतर गेंदबाजी की, क्योंकि उन्होंने पिछली बार से कुछ सबक सीखे थे। यह थोड़ा ज्यादा मुश्किल जरूर था, लेकिन फिर भी यह क्रिकेट का एक बेहतरीन मैच रहा।"
















