भोपाल, जितेंद्र यादव| मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्री-मानसून की दस्तक के बीच जनता को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए मैदानी मोर्चा संभाल लिया है। मंत्री सारंग ने शनिवार को अशोका गार्डन स्थित बड़े नाले का औचक निरीक्षण किया। इसके साथ ही आज से पूरे नरेला विधानसभा क्षेत्र में 'नाला सफाई महाअभियान' का शंखनाद हो गया है। निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि मानसून की भारी बारिश शुरू होने से पहले क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े नालों और नालियों की गाद (सफाई) पूरी तरह साफ हो जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने जल बहाव को रोकने वाले किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को त्वरित रूप से हटाने के निर्देश दिए।
अतिक्रमणकारियों पर होगी त्वरित कार्रवाई, अधिकारियों को समय सीमा की बंदिश
निरीक्षण के दौरान मंत्री विश्वास सारंग ने निर्माण कार्यों और सफाई व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मानसून के दौरान नरेला के किसी भी रहवासी इलाके में जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।
मंत्री के कड़े निर्देश:
"नालों की सफाई में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी रसूखदार या अन्य व्यक्ति द्वारा नाले की जमीन पर अवैध निर्माण या अतिक्रमण कर पानी का रास्ता रोका गया है, तो उसे बिना किसी औपचारिकता के तुरंत ढहा दिया जाए ताकि पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके।"
जीतू पटवारी के बयान पर तीखा हमला: 'लोकतंत्र में दादागिरी की भाषा को जगह नहीं'
अशोका गार्डन में मीडिया से मुखातिब होते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा हाल ही में दिए गए विवादित बयान पर बेहद तीखा पलटवार किया। सारंग ने कांग्रेस की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की अमर्यादित और हिंसक शब्दावली का कोई स्थान नहीं है।
कांग्रेस की संस्कृति पर सवाल: मंत्री सारंग ने कहा, "कभी कहना कि 'दादागिरी करेंगे', कभी कहना कि 'ईंट का जवाब पत्थर से देंगे' या फिर खुले मंचों से प्रशासनिक अधिकारियों को डराना-धमकाना; यह हिंसक और अराजक व्यवहार केवल और केवल कांग्रेस की संस्कृति में ही संभव है।"
डर का माहौल: सारंग ने आगे तंज कसते हुए कहा कि जब भी कोई नेता या दल लोकतंत्र में ऐसी भाषा का उपयोग करने लगे, तो साफ समझ आता है कि वे अंदरूनी तौर पर किसी गहरे भय और हताशा से ग्रसित हैं। चुनाव परिणामों और जनता के नकारने के डर से बौखलाकर ही कांग्रेस नेता इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। फिलहाल, नरेला में शुरू हुए इस सफाई अभियान को लेकर स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है, वहीं सारंग के बयान के बाद प्रदेश का सियासी पारा एक बार फिर गर्मा गया है।

