भोपाल | राजधानी के व्यस्ततम व्यावसायिक क्षेत्रों में से एक लालघाटी चौराहे के पास स्थित 'एलर कॉम्प्लेक्स' नाम की एक तीनमंजिला इमारत में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात भीषण आग लग गई। हादसे की जानकारी रविवार सुबह करीब 7:00 बजे उस वक्त लगी जब पड़ोस की बिल्डिंग के गार्ड ने खिड़की से धुआं और लपटें उठती देखीं। आग की सूचना मिलते ही शहर के अलग-अलग फॉयर स्टेशनों से तीन वाटर टैंकरों सहित फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियां (दमकलें) तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने बेहद सूझबूझ दिखाते हुए इमारत की पक्की दीवार को तोड़ा और करीब एक घंटे की भारी मशक्कत के बाद लपटों पर पूरी तरह काबू पा लिया।
सुबह ७ बजे लगी आग, गार्ड समझा रोज की तरह जल रहा है चूल्हा
हादसे के चश्मदीद पड़ोसी बिल्डिंग के सुरक्षा गार्ड ने बताया कि सुबह तकरीबन 7:00 बजे खिड़की से गाढ़ा धुआं निकल रहा था। शुरुआत में ऐसा प्रतीत हुआ कि यह रेस्टोरेंट के किचन से उठने वाला रोज का सामान्य धुआं है। लेकिन कुछ ही मिनटों में जब खिड़कियों के शीशे चटकने लगे और आग की तेज लपटें बाहर आने लगीं, तब जाकर स्थिति की गंभीरता का पता चला और तुरंत फायर ब्रिगेड तथा पुलिस को सूचित किया गया।
दमकलकर्मियों का साहस: बीच लपटों से बाहर निकाले ४ कमर्शियल सिलेंडर
आग अनूप रिजवानी के 'भोज इन' रेस्टोरेंट में लगी थी, जो इमारत की दूसरी मंजिल पर स्थित है, जबकि इसका मुख्य किचन तीसरी मंजिल पर बना हुआ है। आग की शुरुआत इसी तीसरी मंजिल के किचन से हुई और देखते ही देखते यह नीचे की तरफ फैलने लगी।
टला बड़ा धमाका:
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती और खतरा किचन के भीतर रखे 4 बड़े कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर थे। यदि इनमें ब्लास्ट हो जाता, तो पूरी तीनमंजिला इमारत जमींदोज हो सकती थी। दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सबसे पहले इन सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला।
शॉर्ट सर्किट से हादसे की आशंका, 'बापू की कुटिया' और 'डोमिनोज' बाल-बाल बचे
इस बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स में कुल 6 बड़े रेस्टोरेंट संचालित होते हैं। इसके बेसमेंट में शहर का प्रसिद्ध रेस्टोरेंट 'बापू की कुटिया' और ग्राउंड फ्लोर पर 'डोमिनोज' का आउटलेट समेत कई अन्य छोटी दुकानें भी मौजूद हैं। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे नीचे की ये तमाम दुकानें और आउटलेट्स पूरी तरह सुरक्षित रह गए।
फायर ऑफिसर सौरभ पटेल ने प्रारंभिक जांच के हवाले से बताया कि:
संभावित कारण: हादसे का प्राथमिक कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट होना माना जा रहा है।
सुरक्षा मानक: गनीमत रही कि घटना के वक्त रेस्टोरेंट के भीतर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। संस्थान में फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) उपलब्ध थे।
नियम: नियमानुसार इस श्रेणी और आकार के रेस्टोरेंटों में अलग से किसी बड़े सेंट्रलाइज्ड फायर फाइटिंग सिस्टम की अनिवार्यता नहीं होती है। फिलहाल, नुकसान का आकलन किया जा रहा है।


