मैहर, नरेन्द्र पटेल। जिले के ताला और मुकुंदपुर क्षेत्र में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। लगातार बारिश के कारण मुकुंदपुर क्षेत्र की मर्जुआ नदी उफान पर आ गई है। नदी का पानी बेला-गोविंदगढ़ मार्ग पर बने पुल के ऊपर से तेज बहाव के साथ गुजर रहा है, जिसके चलते मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
पुल के ऊपर पानी का तेज बहाव होने के बावजूद एक ट्रक चालक ने नदी पार करने का जोखिम उठा लिया। ट्रक कुछ दूरी तक आगे बढ़ा, लेकिन तेज बहाव के बीच फंस गया। घटना के बाद बाढ़ के दौरान पुल पार करने को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।
पुल पर पानी आने से आवागमन ठप
मर्जुआ नदी का जलस्तर बढ़ने से बेला-गोविंदगढ़ मार्ग पर स्थित पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है। पानी का बहाव तेज होने के कारण इस मार्ग से वाहनों का निकलना खतरनाक हो गया है। दोनों तरफ वाहनों की कतार लगने और आवागमन रुकने की स्थिति बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के दौरान मर्जुआ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता है। ऐसे में पुल के ऊपर पानी आने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
निचले इलाकों में घुसा पानी
लगातार बारिश का असर आसपास के निचले इलाकों और बस्तियों में भी दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है और कुछ बस्तियों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों पर भी पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण आसपास रहने वाले लोगों में भी चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जलभराव वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव की व्यवस्था करने की मांग की है।
पानी कम होने तक पुल पार न करने की अपील
मर्जुआ नदी में तेज बहाव को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। खासकर पुल के ऊपर पानी बहने की स्थिति में पैदल या वाहन से नदी पार करने की कोशिश नहीं करने की सलाह दी गई है।
ट्रक के तेज बहाव के बीच फंसने की घटना ने भी यह साफ कर दिया है कि बाढ़ के दौरान थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। नदी का बहाव कम होने और पुल से पानी उतरने तक लोगों को वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना चाहिए।
बारिश के कारण मैहर के मुकुंदपुर और ताला क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित होने लगा है। नदी के उफान पर आने, पुलों के जलमग्न होने और निचले इलाकों में पानी भरने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। प्रशासन और पुलिस की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।




