मैहर/अमरपाटन, नरेन्द्र पटेल। जिले के ताला थाना क्षेत्र अंतर्गत खजुरी ताल रामगढ़ इलाके में प्रशासन ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। खुद को बंगाली डॉक्टर बताकर बिना किसी वैध चिकित्सा डिग्री के अवैध रूप से क्लिनिक चला रहे सुदीप विश्वास के ठिकाने पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं और चिकित्सीय उपकरण जब्त किए गए हैं।

ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। स्थानीय लोगों का आरोप था कि यह तथाकथित डॉक्टर भोले-भाले ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा था और गलत इलाज के नाम पर उनकी आर्थिक लूट कर रहा था।

ग्रामीणों की शिकायत पर एक्शन

खजुरी ताल रामगढ़ क्षेत्र के रहवासियों ने लंबे समय से शिकायत दर्ज कराई थी कि इलाके में बिना किसी चिकित्सीय योग्यता के एक व्यक्ति बंगाली डॉक्टर के नाम पर अवैध क्लिनिक संचालित कर रहा है। मरीजों की जान को खतरे में डालने वाली इस गतिविधियों की भनक लगते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया। ताला पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रणनीति बनाकर इस अवैध क्लिनिक पर दबिश दी।

स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मारा छापा

कार्रवाई का नेतृत्व ताला स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. कोमल रमाकांत विश्वकर्मा की मेडिकल टीम ने किया, जिनके साथ ताला थाना पुलिस बल भी मौजूद था। टीम के अचानक पहुंचते ही क्लिनिक संचालक में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान आरोपी डॉक्टर के पास मरीजों के इलाज से संबंधित कोई भी वैध डिग्री या डिप्लोमा नहीं पाया गया।

भारी मात्रा में दवाएं और सामग्री जब्त

छापेमारी के दौरान मेडिकल टीम ने क्लिनिक से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित और अन्य एलोपैथिक दवाएं, इंजेक्शन तथा सिरिंज बरामद कीं। टीम ने पंचनामा कार्रवाई करते हुए सभी संदिग्ध दवाओं और मेडिकल सामान को अपने कब्जे में ले लिया है।

झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा अभियान

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले ऐसे फर्जी चिकित्सकों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल ताला पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम संयुक्त रूप से पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।