ग्वालियर। गुना के बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस में उम्रकैद की सजा काट रहे हनी दुबे से पुलिस पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार पैरोल खत्म होने के बाद उसने जेल वापस नहीं लौटने का पहले ही फैसला कर लिया था। उसका इरादा उत्तर प्रदेश जाकर पुरानी आपराधिक मंडली से जुड़ने और नया गैंग बनाकर गैंगस्टर के रूप में अपराध की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि हनी ट्रिपल मर्डर के अलावा वर्ष 2019 में हाथरस में अपनी मौसी के कहने पर अपने मौसा की हत्या करने के मामले में भी आरोपी है।
पुलिस के मुताबिक 22 जुलाई को मां पूनम दुबे के साथ पैरोल समाप्त होने पर जेल लौटने के दौरान हनी सेंट्रल जेल के बाहर से फरार हो गया था। उसी रात उसे उत्तर प्रदेश के हाथरस से गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन अगले दिन बहोड़ापुर थाना पुलिस जब उसे जेल ले जा रही थी, तब वह पुलिस वाहन से उतरकर दोबारा फरार हो गया। पुलिस ने तीन घंटे तक 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद विनय नगर स्थित एक बंद मकान से उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया। मामले में लापरवाही बरतने पर तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
पूछताछ में हनी ने बताया कि वह दिनभर बंद मकान में छिपा रहा और रात के अंधेरे में शहर छोड़ने की योजना बना चुका था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2017 के चर्चित ट्रिपल मर्डर में उसने अपने साथियों और मां पूनम दुबे के साथ मिलकर 10वीं के छात्र हेमंत मीना की लूट के बाद हत्या कर शव जला दिया था। इसके बाद राज खुलने के डर से हेमंत के दोस्त लोकेश और ऋतिक की भी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में हनी, उसकी मां समेत अन्य आरोपियों को वर्ष 2022 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि चार नाबालिग आरोपियों का मामला किशोर न्याय बोर्ड में लंबित है।




