नई दिल्ली। स्वतंत्रता सेनानी कमलादेवी चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर देशवासियों ने उन्हें याद किया है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई नेताओं ने गुरुवार को कमलादेवी चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि दी।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "महान स्वतंत्रता सेनानी पद्म विभूषण कमलादेवी चट्टोपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर उन्हें अभिवादन।"
दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने 'एक्स' पर लिखा, "भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की महान सेनानी, पद्म विभूषण से सम्मानित कमलादेवी चट्टोपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। स्वतंत्रता आंदोलन में उनका अतुलनीय योगदान, महिला सशक्तिकरण के प्रति समर्पण व भारतीय हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए उनके प्रयास सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे। राष्ट्र निर्माण में उनका अमूल्य योगदान अविस्मरणीय है।"
बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी कमलादेवी चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "भारतीय समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी, रंगमंच कलाकार और गांधीवादी नेता, पद्मभूषण व रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित कमलादेवी चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर शत-शत नमन।"
छत्तीसगढ़ के मंत्री रामविचार नेतम ने लिखा, "पद्म भूषण व पद्म विभूषण से सम्मानित समाज सुधारक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कमलादेवी चट्टोपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।"
इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी ने भी कमलादेवी चट्टोपाध्याय को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया। पार्टी ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, "भारत के स्वतंत्रता संग्राम, महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करते रहते हैं।"
बता दें कि स्वतंत्रता सेनानी कमलादेवी चट्टोपाध्याय भारत में विधायी सीट के लिए चुनाव लड़ने वाली प्रथम भारतीय महिला थीं। साथ ही, वे ब्रिटिश सरकार की ओर से गिरफ्तार प्रथम भारतीय महिला भी थीं।
उन्होंने मद्रास प्रांतीय चुनाव भी लड़ा और दांडी मार्च के दौरान महिलाओं को समान अवसर व मार्च में उन्हें प्रमुखता से शामिल करने के लिए गांधी जी को सहमत किया। इसके बाद, उन्होंने सेवादल से जुड़कर महिला कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया। 29 अक्टूबर 1988 को कमलादेवी चट्टोपाध्याय का निधन हुआ।















