इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से देश के विभिन्न राज्यों और प्रमुख शहरों तक हवाई संपर्क (Air Connectivity) को और अधिक मजबूत करने के लिए व्यापक पहल शुरू की गई है। इंदौर एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए देश की विभिन्न प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों को पत्र भेजकर 10 नए शहरों के लिए सीधी (डायरेक्ट) उड़ानें शुरू करने का औपचारिक प्रस्ताव भेजा है।


जिन 10 नए शहरों के लिए सीधी उड़ानों का प्रस्ताव भेजा गया है, उनमें शामिल हैं:

  1. उत्तर प्रदेश: वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर
  2. बिहार: पटना
  3. झारखंड: रांची
  4. ओडिशा: भुवनेश्वर
  5. उत्तराखंड: देहरादून
  6. जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर
  7. तमिलनाडु: कोयंबटूर


(साथ ही अन्य प्रमुख व्यापारिक एवं धार्मिक शहरों को भी इस कनेक्टिविटी विस्तार में जोड़ने की योजना है।)


यात्रियों को ट्रांजिट के झंझट, समय और अतिरिक्त किराये से मिलेगी मुक्ति

वर्तमान में इंदौर से इन प्रमुख शहरों के लिए कोई सीधी फ्लाइट उपलब्ध न होने के कारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। यात्रियों को दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद या बेंगलूरु जैसे बड़े हब एयरपोर्ट्स पर स्टॉपओवर या ट्रांजिट (कनेक्टिंग फ्लाइट) लेना पड़ता है। इस प्रक्रिया में न केवल यात्रियों के कई घंटे बर्बाद होते हैं, बल्कि कनेक्टिंग फ्लाइट होने के कारण हवाई सफर का किराया भी काफी अधिक चुकाना पड़ता है।


धार्मिक, व्यावसायिक और पर्यटन कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

एयरपोर्ट प्रबंधन का मानना है कि इन 10 शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा:


  • धार्मिक पर्यटन: वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे शहरों के सीधे जुड़ने से महाकाल (उज्जैन) और ओंकारेश्वर आने वाले तीर्थयात्रियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों को सीधा लाभ होगा।
  • व्यापारिक एवं शैक्षिक संपर्क: पटना, रांची, भुवनेश्वर और कोयंबटूर से सीधी कनेक्टिविटी इंदौर के बड़े व्यापारिक, औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्र होने के नाते बेहद फायदेमंद साबित होगी।
  • पर्यटन: देहरादून और श्रीनगर के लिए सीधी उड़ानें मिलने से मध्य प्रदेश के पर्यटकों को सीधे उत्तर भारत के पर्वतीय स्थलों तक पहुंचने में सुगमता होगी।


एयरलाइंस कंपनियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद डीजीसीए (DGCA) की मंजूरी के साथ जल्द ही इन नए रूटों पर उड़ानों का शेड्यूल और परिचालन शुरू होने की संभावना है।