पटना। बिहार सरकार के मंत्री संतोष सुमन, श्रेयसी सिंह और विजय सिन्हा ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त को किसानों के सम्मान और उनकी आर्थिक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। मंत्रियों ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों पर आर्थिक बोझ नहीं डाल रही है, बल्कि तकनीक, कृषि आधारित उद्योग और प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता के माध्यम से उनकी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही है। इस दौरान उन्होंने किसानों के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों को भ्रम फैलाने वाली राजनीति बताया। भारत की आर्थिक वृद्धि पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की टिप्पणी, अनंत सिंह की जमानत रद्द होने और बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर भी मंत्रियों ने अपनी राय रखी।मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को सम्मान देने के साथ उन्हें तकनीक से जोड़ने की दिशा में कदम उठाए हैं। गुजरात के बनासकांठा से विभिन्न योजनाओं की शुरुआत और किसानों के खातों में सम्मान निधि की राशि भेजना इसी प्रयास का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं। चाहे डेयरी फार्म हो या खेती के अन्य तरीके, किसानों को तकनीक से जोड़ना जरूरी है। इससे किसानों को आर्थिक सहायता के साथ सम्मान भी मिल रहा है। उन्होंने पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि बिहार भी देश के साथ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
किसानों पर आर्थिक बोझ डालने को लेकर विपक्ष के आरोपों पर संतोष सुमन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर संकट और मध्य एशिया में चल रहे संघर्ष के बावजूद सरकार ने किसानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला है। विपक्ष खाद की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यूरिया, जिसकी कीमत कुछ जगहों पर तीन हजार रुपए तक बताई जा रही है। किसानों को लगभग 300 से 350 रुपए में उपलब्ध कराई जा रही है। इसी तरह अन्य खाद भी जहां पांच हजार रुपए में बिकती है, वहां किसानों को लगभग 1300 रुपए में दी जा रही है। उन्होंने विपक्ष पर किसानों के हितों को लेकर भ्रम और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
भारत की आर्थिक वृद्धि पर रेवंत रेड्डी की टिप्पणी के संबंध में संतोष सुमन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कई देशों में आर्थिक मंदी का माहौल है, लेकिन भारत की जीडीपी वृद्धि आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देश अपनी बड़ी आबादी और कार्यबल का सही इस्तेमाल कर रहा है। धीरे-धीरे तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 2047 तक विकसित भारत का संकल्प इसी आर्थिक प्रगति से जुड़ा है।
अनंत सिंह की जमानत रद्द होने के मामले पर संतोष सुमन ने कहा कि यह न्यायालय का विषय है। अदालत ने जो निर्णय लिया होगा, वह न्यायिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया होगा। इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।
मंत्री श्रेयसी सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में भेजी है। किसानों का सम्मान और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार सरकार का लक्ष्य है। विकसित भारत के लिए विकसित बिहार और समृद्ध बिहार बनाना है तो किसानों को उचित सम्मान और आर्थिक मजबूती देना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में उद्योग विभाग फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतार रहा है। इन योजनाओं का लाभ केवल उद्यमियों और उद्योगपतियों को ही नहीं, बल्कि स्थानीय किसानों को भी मिलता है। पुराने चीनी मिलों को फिर से शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है और इसमें काफी हद तक सफलता मिली है। उन्होंने बिहार में एशिया के सबसे बड़े इथेनॉल प्लांट के आने का उल्लेख करते हुए कहा कि उद्योग और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से किसानों की अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है।
मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के तहत देश के 9 करोड़ 34 लाख किसानों के खातों में 18,600 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भेजी गई है। बिहार के 73 लाख किसानों के खातों में 1,476 करोड़ रुपए सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। उन्होंने इसे किसानों का मनोबल बढ़ाने वाला कदम बताया।
विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार की लगभग 76 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है और राज्य में 94-95 प्रतिशत किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की यह सहायता राज्य के किसानों के लिए वरदान जैसी है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देने की बात कही। फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड मुक्त वातावरण बनाने तथा देश को स्वस्थ रखने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती का अभियान महत्वपूर्ण है।
विजय सिन्हा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ सरकार किसानों को मजबूत बनाने, युवाओं की कृषि में भागीदारी बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने का प्रयास कर रही है, वहीं विपक्ष नकारात्मक राजनीति कर रहा है। उन्होंने राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और विपक्ष के अन्य नेताओं पर देश के विकास के विरुद्ध माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को नशे जैसी समस्या, प्राकृतिक खेती और रोजगार के अवसर पैदा करने जैसे मुद्दों पर सकारात्मक अभियान चलाना चाहिए। विपक्ष का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना है और वह संवैधानिक संस्थाओं और पदों पर बैठे लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश करता है। देश अब ऐसी राजनीति स्वीकार नहीं करेगा।
अनंत सिंह की जमानत रद्द होने पर विजय सिन्हा ने कहा कि न्यायालय का निर्णय सर्वोपरि है और सभी को उसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान में विश्वास करने वाले लोग संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों का सम्मान करते हैं।
बिहार एमएलसी चुनाव के नतीजों पर विजय सिन्हा ने कहा कि जनता का जनादेश महत्वपूर्ण है। बिहार के लोग अब जाति आधारित राजनीति से बाहर निकलकर राज्य का सम्मान बढ़ाने और सेवा की भावना से काम करने वालों को समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार नई बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
राजद की ओर से बैलेट पेपर के चुनाव को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि जनता ही मालिक है और उसके फैसले को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बैलेट पेपर से हुए चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली, इसके बावजूद विपक्ष आंदोलन कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा जीतती है तो विपक्ष सवाल उठाता है और जब विपक्ष जीतता है तो उसे अपनी उपलब्धि बताता है। जनता और संविधान में विश्वास करने वाले लोग विपक्ष के इस रवैये को समझ रहे हैं।













