कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी में तैनात नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर विवादों में आ गई हैं। इस बार उन पर एक स्थानीय ट्रांसपोर्ट व्यवसायी से चेकिंग के नाम पर कथित रूप से रंगदारी और अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीएसपी के चालक (आरक्षक) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही सीएसपी पच्चीसिया से तीन प्रमुख थानों का प्रभार वापस ले लिया गया है।


वाहन चेकिंग के दौरान 30 हजार रुपये मांगने का आरोप, 25 हजार मौके पर लिए

मामले की शुरुआत 22 जुलाई को हुई, जब कटनी के ट्रांसपोर्टर महेंद्र कुमार जैन ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। महेंद्र जैन, जिनके पास रेत और डोलोमाइट परिवहन में लगे 5 हाईवा वाहन हैं, ने आरोप लगाया कि 21 जुलाई की रात वाहन चेकिंग के दौरान सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने उनकी गाड़ी रोकी और कार्रवाई का डर दिखाकर 30 हजार रुपये की मांग की।


शिकायतकर्ता के अनुसार, मौके पर ही 25 हजार रुपये नकद ले लिए गए और बाकी बचे 5 हजार रुपये अगले दिन चालक के जरिए पहुँचाने की बात कही गई। साक्ष्यों के साथ दर्ज कराई गई इस शिकायत के बाद एसपी ने प्रारंभिक जांच कराई और सीएसपी के चालक आरक्षक केशव सिंह को सस्पेंड कर दिया।


तीन थानों का प्रभार छिना, अजाक डीएसपी को सौंपी गई कमान

एसपी द्वारा जारी नए कार्य विभाजन आदेश के तहत सीएसपी नेहा पच्चीसिया के अधिकार क्षेत्र से कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थानों को हटा दिया गया है। इन तीनों थानों का प्रभार अब अजाक डीएसपी शिवा पाठक को सौंपा गया है।


मामले की प्राथमिक जांच कर रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) कमल मौर्य ने बताया कि ट्रांसपोर्टर महेंद्र जैन के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और जांच रिपोर्ट शीघ्र ही पुलिस अधीक्षक को सौंपी जाएगी।


हत्या के मामले में चालान में देरी और जमीन कौड़ियों के भाव बिकवाने का आरोप

सीएसपी नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें यहीं कम नहीं हो रही हैं। हत्या के एक मामले में 90 दिनों की तय समय-सीमा के भीतर न्यायालय में चालान पेश न करने के कारण आरोपी को 'डिफॉल्ट जमानत' मिल गई थी।


इसी मामले में हत्या के आरोपी ने सीएसपी के खिलाफ अदालत में एक परिवाद पत्र भी दायर किया है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि केस में कानूनी लाभ पहुँचाने के एवज में उसकी कीमती जमीन को बेहद कम दामों पर बिकवा दिया गया। इस मामले की अलग से विभागीय जांच की जा रही है।


पुलिस मुख्यालय की पैनी नजर, ASP जबलपुर करेंगी विस्तृत जांच

एक के बाद एक सामने आए इन गंभीर घटनाक्रमों के बाद भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) के वरिष्ठ अधिकारियों की नजर भी कटनी पुलिस के इस विवाद पर बनी हुई है।


ट्रांसपोर्टर से कथित वसूली और हत्या के केस में मनमानी की विस्तृत विभागीय जांच जबलपुर की एएसपी अनु बेनीवाल को सौंपी गई है। कटनी पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष रूप से की जा रही है और एएसपी की रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।