श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच का कश्मीर स्पेशल क्राइम विंग ने एक दर्ज एफआईआर के सिलसिले में श्रीनगर और गांदरबल जिलों में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।यह मामला धोखेबाजों के एक संगठित गिरोह से जुड़ा है, जो क्राइम ब्रांच और एसीबी के अधिकारी बनकर वरिष्ठ नागरिकों को झूठी शिकायतों और गिरफ्तारी की धमकी देते हैं और उनसे पैसे वसूलते हैं। कुछ दिन पहले साइबर ठगों ने श्रीनगर शहर में रहने वाले एक वरिष्ठ नागरिक से 30 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली थी।

स्पेशल क्राइम विंग ने मुबाशिर अहमद यट्टो (वानी) निवासी गांदरबल, नसीर मकबूल बिचू, मुदस्सिर सादिक नजर और मुनीर अहमद मीर निवासी श्रीनगर के घरों पर तलाशी ली।

कश्मीर स्पेशल क्राइम विंग आम जनता से अपील करता है कि वे धोखाधड़ी, जालसाजी, साइबर अपराध, किसी और का रूप धरने और अन्य संगठित अपराधों जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के प्रति सतर्क रहें। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे गैर-कानूनी फायदे के लिए बनाई गई धोखाधड़ी वाली योजनाओं, जाली दस्तावेजों या झूठे वादों के झांसे में न आएं। अगर किसी को ऐसी आपराधिक गतिविधियां दिखती हैं या किसी व्यक्ति पर ऐसे अपराधों में शामिल होने का शक होता है, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या क्राइम ब्रांच को इसकी सूचना दें, ताकि कानून के अनुसार तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सके।

इसके पहले उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया था। कॉल सेंटर के माध्यम से बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने, कम ब्याज पर लोन दिलाने, क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने और इंडिगो एयरलाइंस इंडिया में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले चार आरोपियों पुलिस ने को गिरफ्तार किया है।

कार्रवाई के दौरान दो कॉल सेंटरों को सील कर दिया तथा साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, पेन ड्राइव और अन्य सामान बरामद किया गया है। अभियान के दौरान थाना स्तर पर चिन्हित किए गए करीब 159 संदिग्ध बैंक खातों और 19 रेड जोन की निगरानी की जा रही थी। जांच के दौरान लगभग 2500 मोबाइल नंबरों और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज शिकायतों का विश्लेषण किया गया, जिसके बाद इन दोनों फर्जी कॉल सेंटरों का खुलासा हुआ।