बेंगलुरु। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने शनिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा का बचाव किया। उन्होंने भाजपा द्वारा रेहान की कला प्रदर्शनी को राजनीति में प्रवेश का 'सॉफ्ट लॉन्च' बताए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक नेताओं के परिवार के सदस्यों की गतिविधियों की आलोचना क्यों की जा रही है।प्रियंक खड़गे ने कहा, "अगर रेहान अपनी कला प्रदर्शित करना चाहते हैं तो इसमें गलत क्या है? क्या लोगों को अपनी कला प्रदर्शित नहीं करनी चाहिए? क्या उन्हें आजीविका कमाने, राजनीति में आने या कारोबार करने का अधिकार नहीं है?"

उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं के बच्चों को भी अपनी रुचियों और करियर के रास्ते चुनने की आजादी होनी चाहिए और केवल पारिवारिक पृष्ठभूमि के आधार पर उनकी आलोचना नहीं होनी चाहिए।

खड़गे ने कहा, "अगर मेरा बेटा कुछ कर रहा है तो वह सिर्फ इसलिए क्यों नहीं कर सकता कि वह प्रियंक खड़गे का बेटा और मल्लिकार्जुन खड़गे का पोता है? क्या उन्हें अपने शौक पूरे करने का अधिकार नहीं है? क्या वे कला, व्यवसाय या राजनीति में नहीं जा सकते?"

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है और राजनीति में किसी की भागीदारी का फैसला वोटर करते हैं, न कि पारिवारिक संबंध।

खड़गे ने कहा, "यह सरकार चुनी हुई सरकार है, किसी को नामित करके नहीं बनाया गया है। अगर खड़गे का बेटा विधायक है तो वह चुना हुआ विधायक है, नियुक्त किया गया विधायक नहीं। भाजपा नेताओं के बेटे राजनीति में आ सकते हैं तो फिर मेरा बेटा या प्रियंका गांधी वाड्रा का बेटा राजनीति में क्यों नहीं आ सकता?"

उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बच्चों के व्यावसायिक कार्यों और अन्य नेताओं के बच्चों के कारोबार एवं सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होने का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस नेताओं के परिवार के सदस्य ऐसा करें तो उसे परिवारवाद क्यों कहा जाता है।

खड़गे ने कहा, "भाजपा नेताओं के बच्चे स्कूल चलाते हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्कूल भी शामिल हैं। वे कारोबार करते हैं और राजनीति में आते हैं। अगर वे ऐसा करते हैं तो उसे मास्टरस्ट्रोक कहा जाता है, लेकिन अगर कांग्रेस का कोई व्यक्ति ऐसा करे तो उसे परिवारवाद कहा जाता है।"

उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं के बच्चों को कला, व्यवसाय या राजनीति में आने का पूरा अधिकार है, बशर्ते उनकी गतिविधियां कानूनी हों। खड़गे ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया।

दरअसल, भाजपा ने शुक्रवार को दावा किया था कि रेहान वाड्रा की जिस कला प्रदर्शनी को बीकानेर हाउस से अनुमति के लिए भेजा गया था, उसमें शुरुआत में कोई राजनीतिक सामग्री शामिल नहीं थी।

भाजपा ने आरोप लगाया कि बाद में रेहान की प्रदर्शनी में राजनीतिक तस्वीरें और सामग्री जोड़ी गईं और इसे राजनीति में उनके प्रवेश की 'सॉफ्ट लॉन्चिंग' के लिए इस्तेमाल किया गया।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि जून में भेजे गए प्रस्ताव में प्रदर्शनी की थीम प्रकृति, वन्यजीव, कला और मूर्तिकला बताई गई थी। उनके अनुसार बाद में राजनीतिक सामग्री जोड़ी गई।

प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि परिवार के दबाव में रायहान की प्रदर्शनी में राजनीतिक तस्वीरें शामिल की गईं, जिसके बाद 21 अक्टूबर 2026 को बीकानेर हाउस ने उन्हें हटाने के लिए कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी वाड्रा ने विवाद खड़ा कर अपने बेटे का राजनीतिक 'सॉफ्ट लॉन्च' करने की कोशिश की।