कानपुर। कानपुर के बिरहाना रोड स्थित 'फार्मा ट्रेडर्स' के मालिक और करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की हत्या के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच के अनुसार, वारदात से पहले मुख्य आरोपी और मृतक की बहू शालू ने मोबाइल पर गूगल सर्च किया था कि किसी व्यक्ति को इस तरह कैसे मारा जाए जिससे हत्या को आत्महत्या का रूप दिया जा सके। पुलिस ने मामले में 1,000 पन्नों का कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) निकालकर जांच तेज कर दी है।


1,000 पन्नों की CDR और 309 कॉल्स ने सुब्रत को भी घेरे में लिया

डीसीपी कासिम आबिदी और पुलिस टीम द्वारा 1 मई से 6 सितंबर तक निकाले गए डिजिटल रिकॉर्ड और 7 मोबाइल नंबरों की जांच में कई अहम तथ्य उजागर हुए हैं: चोरी के आरोप में नौकरी से निकाले जाने के बावजूद सुपारी किलर विशाल गौतम कारोबारी के बेटे सुब्रत के संपर्क में था। दोनों के बीच 1 मई से 5 सितंबर के दौरान करीब 309 बार बातचीत हुई। वारदात वाले दिन सुब्रत ने विशाल से 25 बार और बहू शालू ने 14 बार फोन पर बात की।


आरोपी विशाल ने हत्या की साजिश के तहत वारदात से ठीक दो दिन पहले अपना पुराना सिम बंद कर नया नंबर लिया था, जिससे वह शालू और सुब्रत से संपर्क में था। हत्या के बाद आरोपी नौकर विशाल ने अपने साथी राजकिशोर को 5 बार कॉल किया और ऊबर कैब से अपने ठिकाने पर भागा। पुलिस कैब के रूट मैप और डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है।


जेल में शालू और विशाल से पूछताछ: ₹6 लाख की सुपारी और 30 सवाल

इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर इंस्पेक्टर केशव तिवारी ने जेल में जाकर आरोपी शालू और सुपारी किलर विशाल से 30 से अधिक तीखे सवाल पूछे: शालू ने 14 बार कॉल करने की वजह 'कपल किटी' के लिए गजरा मंगवाना बताया और खुद को निर्दोष बताते हुए विशाल पर फंसाने का आरोप लगाया। आरोपी विशाल ने स्पष्ट किया कि उसने शालू के कहने पर ही हत्या की। शालू ने उसे ₹6 लाख (₹2 लाख अगले दिन और ₹4 लाख 15 दिन बाद) देने और उसका पुराना ₹2 लाख का कर्ज चुकाने का वादा किया था। विशाल ने यह भी कहा कि इस हत्या में सुब्रत का कोई कनेक्शन नहीं है।


₹60 करोड़ की फर्म और 2022 की वसीयत भी जांच के दायरे में

पुलिस इस हत्याकांड में पारिवारिक विवाद के साथ-साथ संपत्ति और लालच के कोण की भी पड़ताल कर रही है: विनीत मिनोचा की दवा फर्म का सालाना टर्नओवर ₹50 से ₹60 करोड़ है। विनीत ने वर्ष 2022 में अपनी करोड़ों की संपत्ति की वसीयत पत्नी पुनीता, बेटे सुब्रत और बेटी शुभानी के नाम की थी। मृतक की पत्नी पुनीता (मैरिज काउंसलर) लंबे समय से पति से अलग गाजियाबाद में बेटी के साथ रह रही हैं।


पुलिस अब शालू और विशाल को रिमांड पर लेकर सुब्रत के साथ आमना-सामना कराने की तैयारी कर रही है ताकि बयानों और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान किया जा सके।