भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर राजधानी भोपाल से सामने आ रही है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय (PCC) में 'राजनीतिक मामलों की समिति' (PAC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। हालांकि, पार्टी के कई वरिष्ठ व दिग्गज नेताओं की अनुपस्थिति के चलते इस बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य में 'संगठन सृजन' के तहत अब तक हुए कार्यों की समीक्षा करना, हाल ही में दतिया चुनाव के नतीजों का विश्लेषण करना तथा आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की रूपरेखा तैयार करना है।


पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत ये बड़े दिग्गज नहीं हुए शामिल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैठक में पार्टी के कई शीर्ष चेहरे शिरकत नहीं कर पा रहे हैं:

  • कमलनाथ: पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ खराब स्वास्थ्य (अस्वस्थता) के कारण इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हो सके हैं।
  • दिग्विजय सिंह व अरुण यादव: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद अरुण यादव पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के तहत विदेश यात्रा पर होने के चलते बैठक से अनुपस्थित हैं।
  • नकुलनाथ (अंतिम समय में हुए बाहर): छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद नकुलनाथ के इस बैठक में शामिल होने की पूरी संभावना थी, लेकिन छिंदवाड़ा से भोपाल आने वाले उनके विमान के इंजन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते विमान उड़ान नहीं भर सका और वे बैठक में सीधे नहीं पहुँच सके।


हरीश चौधरी, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार के नेतृत्व में मंथन

बैठक की कमान प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) जीतू पटवारी तथा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार संभाल रहे हैं। बैठक में संगठन महासचिव डॉ. संजय कामले, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, कांतिलाल भूरिया सहित समिति के अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित हैं।


बैठक के प्रमुख एजेंडे और चर्चा के बिंदु:

  1. संगठन सृजन की समीक्षा: मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी राज्य भर में चले 'संगठन सृजन' अभियान के तहत हुए सांगठनिक बदलावों और अब तक के कामकाज का विस्तृत ब्योरा ले रहे हैं।
  2. दतिया चुनाव की समीक्षा: हालिया दतिया राजनीतिक घटनाक्रम/उपचुनाव के परिणामों और उससे मिले संकेतों पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।
  3. स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी: आगामी नगर पालिका, नगर पंचायत, जनपद और जिला पंचायत चुनावों को लेकर कांग्रेस का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
  4. निष्क्रिय पदाधिकारियों पर निर्णय: पार्टी संगठन में लंबे समय से काम न करने वाले या निष्क्रिय पदाधिकारियों की भूमिका पर भी समिति की इस बैठक में गाज गिर सकती है।