छतरपुर, पंकज यादव। राष्ट्रीय महत्व की अति-महत्वाकांक्षी 'केन-बेतवा लिंक परियोजना' को लेकर छतरपुर जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आ रहा है। नवागत कलेक्टर मृणाल मीणा ने परियोजना से प्रभावित जिले के 14 गांवों में राजस्व विभाग की टीमों को पुनः निष्पक्ष एवं सूक्ष्मता से सर्वे (Re-survey) करने के कड़े निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि सर्वे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परियोजना से प्रभावित कोई भी पात्र व्यक्ति या परिवार मुआवजे एवं पुनर्वास के लाभ से वंचित न रह जाए।


5 गांवों के 59 प्रभावितों के लिए ₹7.37 करोड़ की राशि मंजूर

कलेक्टर मृणाल मीणा ने पदभार ग्रहण करते ही केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावितों के पुनर्वास और राहत कार्यों में तेजी लाते हुए एक बड़ी राशि स्वीकृत की है। परियोजना से प्रभावित 5 प्रमुख गांवों के कुल 59 व्यक्तियों के लिए 7 करोड़ 37 लाख रुपये की मुआवजा राशि को प्रशासनिक मंजूरी दी जा चुकी है। यह राशि निर्धारित वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सीधे प्रभावित हितग्राहियों को प्रदान की जाएगी।


ग्रामवार स्वीकृति का ब्यौरा:

प्रभावित गांव का नाम

लाभांवित व्यक्तियों की संख्या

स्वीकृत मुआवजा राशि

सुकवाहा

16 व्यक्ति

₹2.00 करोड़

खरयानी

20 व्यक्ति

₹2.50 करोड़

भौरखुवा

11 व्यक्ति

₹1.37 करोड़

कदवारा

09 व्यक्ति

₹1.12 करोड़ 50 हजार

ढोढ़न

03 व्यक्ति

₹37.50 लाख

कुल योग

59 व्यक्ति

₹7.37 करोड़


पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर

कलेक्टर के इस कदम से केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों में न्याय की उम्मीद जागी है। राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे मैदान में जाकर पारदर्शी तरीके से नए सिरे से परिसंपत्तियों, भूमि और प्रभावित परिवारों का सही आकलन करें, ताकि पुनर्वास नीति के तहत हर प्रभावित को उसका वाजिब हक समय सीमा में मिल सके।