तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों से देश को हुए नुकसान के लिए मुआवजा दिलाने और ईरानी जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए।

यह बात उन्होंने देश के न्यायपालिका प्रमुख गोलामहुसैन मोहसेनी-एजेई के साथ हुई बैठक में कही। सर्वोच्च नेता की वेबसाइट पर शनिवार को जारी बयान में इस बैठक की जानकारी दी गई।

बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाना, लोगों के अधिकारों की रक्षा करना, भ्रष्टाचार और उसके मूल कारणों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना, अदालतों में मामलों का तेजी और सटीकता के साथ निपटारा करना तथा न्यायिक फैसलों को समय पर और कड़ाई से लागू करना शामिल था। इसके अलावा, देश की न्याय व्यवस्था में व्यापक और लोगों को महसूस होने वाले बदलाव लाने पर भी जोर दिया गया।

शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में अपराधों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए ठोस योजनाएं बनाने की जरूरत पर भी बात हुई। साथ ही अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए कथित 'अपराधों' से हुए आर्थिक और गैर-आर्थिक नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने और ईरानी लोगों के अधिकारों को बहाल करने के लिए गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान समेत ईरान के कई शहरों पर संयुक्त हमले किए थे।

इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों तथा संपत्तियों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कई लहरें चलाईं। साथ ही उसने होर्मुज स्‍ट्रेट पर अपनी पकड़ भी मजबूत कर दी।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका चाहे तो ईरान के सारे तेल संसाधनों पर कब्जा कर सकता है, यहां तक कि पूरे देश पर भी नियंत्रण कर सकता है।

फ्लोरिडा में एक रैली के लिए रवाना होते समय ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "फिलहाल ईरान ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। अगर हम चाहें तो उसका सारा तेल अपने नियंत्रण में ले सकते हैं। हम पूरे देश पर भी कब्जा कर सकते हैं।"

जब उनसे पूछा गया कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा है कि ईरान के साथ संघर्ष एक साल तक और चल सकता है, तो ट्रंप ने जवाब दिया, "हम इसे बहुत जल्दी खत्म कर सकते हैं। सवाल यह है कि क्या हम इसे पूरी तरह खत्म करना चाहते हैं या फिर धीरे-धीरे कमजोर होने देना चाहते हैं।"

बाद में फ्लोरिडा की रैली में ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान चलाया जा सकता है।उन्होंने कहा, "हो सकता है हम एक और छोटा 'एपिक फ्यूरी' अभियान चलाएं।" यह उसी बड़े अमेरिकी सैन्य अभियान का संदर्भ था जो 28 फरवरी को इजरायल के समन्वित हमले के साथ शुरू किया गया था।

ट्रंप की ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान पर संभावित नए हमलों की योजनाएं तैयार की हैं। हालांकि, अमेरिकी मीडिया के मुताबिक अभी यह साफ नहीं है कि ट्रंप वास्तव में ऐसे किसी नए सैन्य अभियान को मंजूरी देंगे या नहीं।