इंदौर। इंदौर के विजयनगर क्षेत्र में 23 जून को हुए भीषण गैस पाइपलाइन विस्फोट में चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे, लेकिन इस हादसे के सात दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की जांच बेहद धीमी गति से चल रही है। पुलिस ने अब तक जिम्मेदारी तय करने के लिए नगर निगम से संबंधित अधिकारियों की जानकारी मांगी है, लेकिन निगम की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। वर्तमान में पुलिस ने केवल बोरिंग मशीन के ड्राइवर और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं इस पूरे मामले की पड़ताल में क्षेत्रीय पार्षद, सब-इंजीनियर और वाटर हार्वेस्टिंग प्रभारी की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विजयनगर स्थित 'ताल हाउस' जो कि सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर गिरी राजकुमारी उर्फ जिनी झाला की नानी का घर है, इस हादसे के बाद से गहरे शोक और सदमे में डूबा हुआ है। इस बीच माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के कड़े हस्तक्षेप के बाद रविवार 28 जून को जिनी को बेहतर और उच्च स्तरीय इलाज के लिए इंदौर से गुजरात के अहमदाबाद एयरलिफ्ट किया गया है। इस दर्दनाक हादसे में जिनी करीब 20 से 25 प्रतिशत तक झुलस गई हैं और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
जिनी की नानी रमा राणावत और भाई यशवीरसिंह झाला सहित पूरा परिवार इस घटना से बेहद आहत है। नानी रमा राणावत का कहना है कि उन्हें बस उनकी बेटी जल्द से जल्द ठीक होकर घर वापस चाहिए। वहीं जिनी के भाई यशवीरसिंह झाला ने प्रशासनिक दावों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उनकी बहन किसी लापरवाही में शामिल नहीं थीं, बल्कि वह सामान्य रूप से अपनी स्कूटी से घर लौट रही थीं और अचानक सड़क पर हुए इस भीषण ब्लास्ट की सीधी चपेट में आ गईं।
इस हादसे को लेकर जिनी के मंगेतर रजत प्रताप सिंह राठौर ने भी पुलिस और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं। रजत ने बताया कि जब वे कार्रवाई की अद्यतन जानकारी लेने विजयनगर थाने पहुंचे, तो पता चला कि पुलिस ने निगम से जिम्मेदार अफसरों के नाम मांगे हैं परंतु वहां से कोई उत्तर नहीं आया है। रजत ने सवाल उठाया कि क्या शहर में बोरिंग करने की जगह केवल एक ड्राइवर और ठेकेदार खुद तय कर लेते हैं? उन्होंने कहा कि उनकी जल्द ही शादी होने वाली थी, लेकिन सिस्टम की इस कथित लापरवाही ने पूरे परिवार की खुशियों को गहरे सदमे में बदल दिया है।




